गोली मारकर महिला का Murder करने के दोषी को Life Imprisonment

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शिमला। गोली मार कर घर में अकेली महिला की हत्या के आरोपी को एलडी सेंशन जज (फोरेस्ट) शिमला राजन गुप्ता की अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत 7 लाख रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न अदा करने की सूरत में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। court-hammerअदालत ने दोषी प्रताप सिंह ठाकुर पुत्र स्वर्गीय राम सरण निवासी पंती डाकखाना राउरी तहसील व जिला शिमला को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में पांच साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 452 आईपीसी के तहत पांच साल की सजा व एक लाख का जुर्माना किया है। जुर्माना न भरने की सूरत में 1 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अंडर सेक्शन 25 आम्र्स एक्ट के तहत 3 साल की कैद व एक लाख जुर्माना किया है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को 1 साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

  • जुर्माना भी किया, जुर्माना न भरने पर भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास

जानकारी देते हुए पब्लिक प्रोसीक्यूटर कार्ट ऑफ सेंशन फोरेस्ट आत्मा राम ने बताया कि यह मामला 21 मई 2014 का है। दोषी प्रताप सिंह ठाकुर ने जमीनी विवाद व आपसी रंजिश के चलते अपनी ही पड़ोसी महिला की उसके घर बनूटी में  गोली मार कर हत्या कर दी। दोषी ने अपने साथियों संकल्प गोयल, विनोद रावत और मिला राम के साथ यह साजिश रची। जांच के दौरान पुलिस को फायर की गई गोली और खून के नमूने मौके से मिले। प्रताप सिंह से उसकी पिस्टल भी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के कोट पर लगे खून के धब्बे भी लिए। ब्लड सेंपल, कोट, पिस्टल और बुलट को जांच के लिए जुन्गा फॉरेंसिक लैब भेजा गया। रिपोर्ट से यह पता चला कि गोली दोषी की पिस्टल से ही चली है और कोट पर मिले खून के धब्बे मृतक महिला के खून से मैच हुए। जांच पूरी करने के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने गवाहों व सबूतों के आधार पर प्रताप सिंह को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई और बाकि आरोपियों को साक्ष्यों के आभाव के चलते बरी करने का फैसला सुनाया गया।

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