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ये नाजुक हैं… सर्दियों में करें खास देखभाल

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सर्दी अपने साथ खुश्क हवाएं, खांसी और जुकाम जैसी तकलीफें लाती हैं। अगर घर में कोई नवजात हो तो इस मौसम में उसका बचाव बहुत जरूरी होता है। क्योंकि नवजात शिशु बहुत ही नाज़ुक होते हैं इसलिए उनकी देखभाल में खास सावधानी की जरूरत होती है। इस मौसम में शिशु अधिक बीमार पड़ते हैं, इसलिए उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में शिशु की देखभाल कैसे की जाए इस बात की सही जानकारी होना बेहद जरूरी हो जाता है।

  • ठंड के मौसम में आप बच्चे को ज्यादा नहलाने से बचें इसलिए आप बच्चे को स्पंज से ही साफ करें। यदि आप के पास स्पंज नहीं है तो आप गुनगुने पानी में सूती कपड़े को भिगोएं और फिर उसे निचोड़कर उससे नवजात को साफ करें।
  • मालिश करने के कुछ देर बाद ही शिशु को नहलाना चाहिए या अधिक सर्दी होने पर उस दिन शिशु को नहलाने के बजाय साफ़ तौलिए को हल्के गुनगुने पानी में भिगोकर व निचोड़ कर बच्चे के शरीर को पोंछना चाहिए। इससे बच्चे को नींद भी अच्छी आती है।

  • नहलाने के बाद सर्दियों में शिशु को गरमाहट प्रदान करने के लिए गरम, नरम और आरामदेह कपड़े पहनाएं। बच्चे के हाथपैर को गरम रखने के लिए उन्हे दस्ताने और मोजे पहनाएं। बच्चे के सिर को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए सिर को टोपी से ढककर रखें।
  • छोटे बच्चों को बड़ों के मुकाबले हमेशा एक कपड़ा ज्यादा पहनाएं, मसलन अगर आप दो कपड़े पहन रहे हैं तो बच्चों को 3 कपड़ों की जरूरत होगी।
  • बच्चों के सिर, पैर और कानों को हमेशा ढककर रखना चाहिए। वे सिर और पैरों से ही ठंड की चपेट में आते हैं।

  • हो सके तो बच्चे के आसपास हीटर इस्तेमाल न करें। करना ही है तो ऑयल वाले हीटर यूज करें। ये कमरे से ह्यूमिडीटी खत्म नहीं करते। इन्हें भी लगातार न चलाएं। घंटा, दो घंटा चलाकर बंद कर दें। इसी तरह बाहर जाने से करीब 15 मिनट पहले हीटर बंद कर दें वरना कमरे के अंदर और बाहर के तापमान का फर्क बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • सर्दियों में संक्रमण अधिक होता है। कोई भी व्यक्ति जिसे सर्दी-जुकाम या कोई संक्रामक‍ बीमारी है, उसे बच्चे से या मां से दूर रखें। अगर बच्चे को डायरिया या हाइपोथर्मिया की समस्या लगती है तो तुरंत चिकित्सक को दिखायें।

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