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धर्म-संस्कृति

culture and spirituality

अधूरेपन के कारण लोकप्रिय हुआ कालीदास का कुमारसंभव 

कालिदास ने इस काव्य में उमा-महेश्वर के एकांतिक मिलन के क्षणों का अत्यंत श्रृंगारिक वर्णन किया था इसलिए देवी पार्वती ने उन्हें श्राप दे दिया तथा कहा कि तुम्हारा यह काव्य अधूरा ही रहेगा।

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बुद्धं शऱणम् गच्छामि

शाक्य वंश में जन्मे सिद्धार्थ का 16 वर्ष की उम्र में दंडपाणि शाक्य की कन्या यशोधरा के साथ हुआ। राजा शुद्धोदन ने तीन ऋतुओं के लायक तीन सुंदर महल बनवा दिए। वहां पर नाच-गान और मनोरंजन की सारी सामग्री जुटा दी गई।

क्यों जरूरी है विष्णु पूजा में ‘पंचामृत’

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पूजा-पाठ में पंचामृत का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना पूजा सफल नहीं होती। पंचामृत बनाने के लिए पांच विशेष चीजों की आवश्यकता होती है।

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कई रोग-शोक-बाधा नष्ट करने की शक्ति है रुद्राक्ष में

पानी में डूबना यह दर्शाता है, कि इसका आपेक्षिक घनत्व कितना अधिक है । क्योंकि इसमें लोहा, जस्ता, निकल, मैंगनीज, एल्यूमिनियम, फास्फोरस, कैल्शियम, कोबाल्ट, पोटैशियम, सोडियम, सिलिका, गंधक आदि तत्व विद्यमान होते हैं ।

रोहिणी नक्षत्र में सूर्य ने किया प्रवेश, शुरू हुए नौतपा तेज, रहेगी तेज गर्मी

ज्योतिष गणना के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र मे रहता है तो चंद्रमा नौ नक्षत्रों का भ्रमण करता है। ज्येष्ठ माह में सूर्य के वृषभ राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला को नौतपा माना जाता है।

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कमला एकादशी : आज हैं खास दिन जरूर करें ये उपाय 

शास्त्रीय मान्यता है कि आज का दिन  धन-वैभव की कामना के लिए बेहद शुभ है। इस एकादशी पर कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। साथ ही व्यक्ति का भाग्य चमकने लगता है।