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धर्म-संस्कृति

culture and spirituality

ज्योतिष के अनुसार जानिए कैसे बन सकते हैं प्रशासनिक अधिकारी 

ज्योतिषीय दृष्टि में मंगल और सूर्य को प्रशासनिक पद या प्रशासनिक अधिकारों और कार्यों का कारक माना गया है, इसके अतिरिक्त बृहस्पति की यहां सहायक भूमिका होती है। मंगल को हिम्मत, शक्ति, पराक्रम, उत्साह, रणनीति, स्पर्धा और कानून व्यवस्था, पुलिस और नियमव्यवस्था का कारक माना गया है। 

ॐ का सही उच्चारण कब व कैसे

ॐ के उच्चारण से जो ध्वनि उत्पन्न होती है, वही इस ब्रह्मांड की उत्पत्ति के समय प्रथम ध्वनि थी। यह एक ऐसा उच्चारण है जो शरीर, आत्मा और मन सभी को तृप्त करता है

निर्जला एकादशी का व्रत साल की 24 एकादशियों के बराबर

एकादशी का व्रत करने के बाद दूसरे दिन सूर्योदय के बात व्रत को खोलते हैं। इस एकादशी को भीमा एकादशी भी कहा जाता है जिसके पीछे एक पौराणिक कथा है।

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महाप्रलय के समय मौज़ूद रहती हैं मां धूमावती

धूमावती शक्ति अकेली हैं। उनका कोई स्वामी नहीं है। देवी धूमावती की उपासना विपत्ति नाश, रोग-निवारण, युद्ध-जय, उच्चाटन और मारण के लिए की जाती है। देवी धूमावती के उपासक पर दुष्टाभिचार का प्रभाव नहीं पड़ता।

मनवांछित फल चाहिए तो विंध्याचल शक्तिपीठ जरूर जाएं

ऐसी मान्यता है कि यहां पर संकल्प मात्र से उपासकों को सिद्धि प्राप्त होती है। आदि शक्ति की शाश्वत लीला भूमि मां विंध्यवासिनी के धाम में पूरे वर्ष दर्शनार्थियों का आना-जाना लगा रहता है। चैत्र व शारदीय नवरात्र के अवसर पर यहां देश के कोने-कोने से लोग आते हैं।

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अधूरेपन के कारण लोकप्रिय हुआ कालीदास का कुमारसंभव 

कालिदास ने इस काव्य में उमा-महेश्वर के एकांतिक मिलन के क्षणों का अत्यंत श्रृंगारिक वर्णन किया था इसलिए देवी पार्वती ने उन्हें श्राप दे दिया तथा कहा कि तुम्हारा यह काव्य अधूरा ही रहेगा।

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बुद्धं शऱणम् गच्छामि

शाक्य वंश में जन्मे सिद्धार्थ का 16 वर्ष की उम्र में दंडपाणि शाक्य की कन्या यशोधरा के साथ हुआ। राजा शुद्धोदन ने तीन ऋतुओं के लायक तीन सुंदर महल बनवा दिए। वहां पर नाच-गान और मनोरंजन की सारी सामग्री जुटा दी गई।