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Jyotish Helpline

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शालिग्राम उपासना से मिलता वैकुंठ

गंडकी अर्थात नारायणी नदी के एक प्रदेश में शालिग्राम स्थल नाम का एक महत्त्वपूर्ण स्थान है। वहां से निकलने वाले पत्थर को शालिग्राम कहते हैं। शालिग्राम शिला के स्पर्शमात्र से करोड़ों जन्मों के पाप का नाश हो जाता है। यदि उसका पूजन किया जाए तब तो उसके फल के विषय में कहना ही क्या है। यह भगवान के समीप पहुंचाने वाला है। पहले शालिग्राम-शिला की परीक्षा करनी चाहिये। यदि वह काली और चिकनी हो तो उत्तम है। यदि उसकी कालिमा कुछ कम हो तो वह मध्यम श्रेणी की मानी गई है और यदि उसमें दूसरे किसी रंग का सम्मिश्रण हो तो वह मिश्रित फल प्रदान करने…

पाठकों के सवाल व पंडित जी के जवाब

वर्तमान में मेरे ग्रहों का कौन सा योग चल रहा है और इसका मेरे जीवन में आने वाले समय में क्या प्रभाव है। नौकरी आदि के योग की क्या संभावना है, मुखे किस प्रोफेशन में भाग्य आजमाना चाहिए।  अच्छे भाग्य और सफलता पाने के मुझे क्या करना होगा। आशीष नड्डा, हमीरपुर जवाबः  आशीश नड्डा,  आप को जो चंद्रमा की दशा चल रही थी जो अब खत्म हो रही है। भूमि, निर्माण व खनिज आदि में आप को भाग्य आजमाना चाहिए। जहां तक नौकरी का सवाल है तो तीन साल तीन महीने के बाद आप को नौकरी मिलने का योग है। ...............................................  पंडित…

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सवाल का जवाब

हिन्दू धर्म ग्रंथों में सात ऐसे महामानवों का वर्णन है, जो अजर-अमर हैं और आज भी इस धरती पर उपस्थित हैं। हनुमान जी उनमें से एक हैं। हाल ही में सेतु एशिया नामक एक वेबसाइट ने दावा किया है कि इस धरती पर एक ऐसी जगह है जहां के लोगों से मिलने हनुमान प्रत्येक 4

41 साल बाद मातंगों से मिलने आते हैं हनुमान

हिन्दू धर्म ग्रंथों में सात ऐसे महामानवों का वर्णन है, जो अजर-अमर हैं और आज भी इस धरती पर उपस्थित हैं। हनुमान जी उनमें से एक हैं। हाल ही में सेतु एशिया नामक एक वेबसाइट ने दावा किया है कि इस धरती पर एक ऐसी जगह है जहां के लोगों से मिलने हनुमान प्रत्येक 41 साल बाद आते हैं और कुछ दिन वहां रहने के बाद वापस चले जाते हैं। सेतु एशिया के शोधानुसार श्रीलंका के जंगलों में एक ऐसा कबीलाई समूह रहता है जोकि पूर्णत: बाहरी समाज से कटा हुआ है। उनका रहन-सहन और पहनावा भी अलग है। उनकी भाषा भी प्रचलित भाषा से अलग है। यह मातंग आदिवासी समुदाय है।…

सामूहिक यज्ञ कर कालसर्प दोष से पाया छुटकारा

नित्य प्रारंभ पंचांग समिति नगरोटा बगवां का अनुष्ठान संपन्न नगरोटा बगवां। नित्य प्रारंभ पंचांग समिति नगरोटा बगवां के नाद नारायण बलि व कालसर्प दोष शांति अनुष्ठान के तहत नाग पंचमी के अवसर पर सामूहिक यज्ञ के साथ संपन्न हुआ। इस यज्ञ में करीब 61 विद्वानों के अलावा हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि राज्यों से आए करीब 1500 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जानकारी देते हुए आचार्य नित्यानंद शर्मा, समिति के अध्यक्ष विजय पाल जम्बाल, उपाध्यक्ष विकास मिश्रा आदि ने बताया कि नित्य प्रारंभ पंचांग समिति नगरोटा बगवां के द्वारा आयोजित यह नाद नारायण…

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मां चिंतपूर्णी के दरबार 35 हजार

भक्तों का उमड़ा सैलाब, प्रशासन की व्यवस्था चरमराई ऊना। सावन मेलों के चलते मां चिंतपूर्णी के दरबार में उमड़ी भीड़ ने रविवार को सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आज करीब 35 हजार लोग मां के दर्शनों को यहां पहुंचे थे। भक्तों के सैलाब के आगे प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह बेबस नजर आई। सुबह से ही मां के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए प्रदेश सहित बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया मां का दरबार भी भक्तों के साथ भरता गया। करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लगने के बाद भी लगातार भक्तों के आने का दस्तुर जारी…

बंजर भूमि पर जैविक खेती से कमा रहे हजारों

हमीरपुर। जिला के भोरंज उपमंडल के कड़ोहता गांव के जट्टू राम ने बंजर जमीन को जैविक खेती के सहारे सब्जियों से लकदक कर दिया है। हर रोज ताजी सब्जियां बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति और भी सुदृढ़ कर ली है। जट्टू के अथक प्रयासों और सब्जियां उगाने की कामयाबी के बाद धीरे-धीरे कड़ोहता के लोग सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यही नहीं इसी गांव के बीटेक कर चुके एक युवक राकेश ने भी निजी क्षेत्र में नौकरी करने की बजाय ग्रीन हाउस स्थापित कर जट्टू की तर्ज पर सब्जियों की पैदावार में स्वरोजगार की संभावनाएं तलाशने का भी निर्णय लिया है। जट्टू…