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हेल्थ और लाइफस्टाइल

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पाचनशक्ति बढ़ानी है तो इस बार शहतूत जरूर खाएं ….

शहतूत खाना सभी को अच्छा लगता हैं। यह फल काले रंग का होता है, वैसे तो यह लाल और हरे रंग का भी होता हैं., लेकिन हरे रंग का शहतूत खाने में खट्टा लगता हैं, जैसे-जैसे यह फल पकने लगता हैं तो यह लाल रंग का और फिर पूरी तरह से पक जाने पर काले रंग का हो जाता है। शहतूत को आम बोल चाल की भाषा में तूत भी कहते हैं।

पपीते के फायदे जानकर आप रोज खाना पसंद करेंगे इसे

पपीता खाना बेशक आप को पसंद न हो लेकिन इसमें बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं जिनको जानकर आप इसे जरूर खाना पसंद करेंगे। वैसे तो एक ऐसा फल है जो पूरे साल भर प्राप्त होता है। इसे खाने का सही समय सुबह माना जाता है। सुबह के समय पपीते का सेवन भी हमेशा लाभकारी सिद्ध हुआ है।

गुड़हल की चाय जरूर पीएं, जुकाम व बुखार ठीक होगा

आयुर्वेद में गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण औषधि माना गया है। गुड़हल का फूल बहुत ही सुंदर होता है। यह कई रंगो में देखने को मिलता है जैसे लाल, गुलाबी, पीला, सफेद, बैंगनी आदि। इसको हिबिस्कुस रोजा साइनेंसिस (Hibiscus rosa sinensis) के नाम से भी जाना जाता है।

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बेर : छोटा है पर है बड़ा गुणकारी 

यह फल आकार में भले ही छोटा हो लेकिन गुणों में किसी से भी पीछे नहीं है। बेर में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है लेकिन ये ऊर्जा का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व, विटामिन और लवण पाए जाते हैं, साथ ही इसमें भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं।

रक्त चंदनः त्‍वचा की समस्‍याओं के लिए भी उपयोगी

चंदन की महक मन को शांति और सुकून से भर देती है। हालांकि बहुत कम लोगों को लाल चंदन के बारे में जानकारी होती है। लाल चंदन गुणों में सफेद चंदन से अधिक लाभकारी होता है। इसकी प्रकृति ठंडी होती है और यह सूजन और जलन को नष्‍ट करने में मदद करता है। इसके अलावा लाल चंदन के उपयोग से मानसिक शांति मिलती है। यह त्‍वचा की समस्‍याओं के लिए भी बहुत फायदेमंद है। जली त्‍वचा पर छाला बन जाता है। अगर जलने के कारण छाला फूटकर घाव बन गया है तो उस स्‍थान पर लाल चंदन घिसकर लगाने से कुछ ही समय में घाव भर जाता है तथा जलने का निशान भी नहीं पड़ता । ऐसा…

Health Day : कितना ख्याल रखते हैं आप अपना …

स्वास्थ्य हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है। स्वस्थ होना सबके हित की बात है। इसे ही ध्यान में रखते हुए 7 अप्रैल का दिन विश्व स्वास्थ्य को  समर्पित है। गौरतलब है कि सात अप्रैल 1948 को ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना की गई थी। तब से अब तक इसे पूरे मनोयोग से हर देश में  संचालित किया जा रहा है

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नार्कोलेप्सी : कहीं पर कभी भी सो जाना ….

Narcolepsy एक तंत्रिका संबंधी विकार है। यह प्रक्रिया नींद से जुड़ी है जिसमें मांसपेशियां किसी होने वाले अटैक की भांति स्थिर हो जाती हैं। यह नींद से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जिसमें मरीज कभी भी अचानक सो जाता है।

एसिडिटी है तो अजवायन व काला नमक लिया क्या ….

एसिडिटी की समस्या काफी आम हो गयी है। यह समस्या तब होती है जब पेट में मौजूद एसिड एसोफैगस तक आ जाता है। हमारा पाचन तंत्र हमारे खाने को पचाने के लिए पेट में एसिड बनाता है

बच्चों में अच्छे संस्कारों की नींव

बच्चों में अच्छे संस्कारों की नींव परिवार से पड़ती है। कहा जाता है कि माता पिता का  महत्वपूर्ण कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। बच्चों में संस्कारों का विकास हमेशा अपने से बड़ों को देखकर ही होता है

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बड़ी-बड़ी समस्याएं चुटकी में दूर करेंगे चावल के दाने

भारतीय संस्कृति में चावल को पूर्णता का प्रतीक तथा देवताओं का प्रिय भोग माना गया है। चावल का प्रयोग केवल धर्म-कर्म में ही नहीं बल्कि कई प्रकार के तंत्र-मंत्रों में भी किया जाता है। हम आपको बताते हैं चावल के कुछ आसान से टोटके जिनको अपना कर आप अपनी सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।