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शरारती बंदर

एक समय शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर में लकड़ी का काम बहुत था इसलिए लकड़ी चीरने…

फिर वापस लौटना…

साल से एक ही जगह रहते ऊबन सी लगने लगी थी इसलिए मैंने चंबा से कुछ दिनों के लिए बाहर जाने की तैयारी कर ली। मेरा पहला…

झगड़ालू मेंढक

एक कुएं में बहुत से मेंढक रहते थे। उनके राजा का नाम था गंगदत्त। गंगदत्त बहुत झगड़ालू स्वभाव का था। आसपास दो तीन और…

तीर्थ यात्रा

गाड़ियां जहां खड़ी थीं वहां से आगे को जाने वाली चढ़ाई पैदल ही थी। एक लंबे घुमावदार रास्ते पर चलकर ऊंचे पहाड़ तक…

टुकड़ा-टुकड़ा आकाश

love story: मंगला के पहाड़ों के ठीक सामने रावी बहती है तेज रफ्तार रावी। मंगला... यानी हरियाली का एक छोटा सा टुकड़ा…

काजू चोर

बड़े भाई जब अंडमान निकोबार से लौटे तो उनके पास घर के बच्चों के लिए बहुत कुछ था । ढेरों कहानियां... समंदर की, पानी…

आह जिंदगी …

नीले सागर के तट पर खड़ी सुप्रिया समझ नहीं पा रही थी कि वह वहां क्यों खड़ी है। लहरें बार-बार उसके पैरों को छूकर वापस…

भूतनी का उपकार

story: पंडित जी रोज ही घर से बाहर बने हुए छप्पर के नीचे बैठ कर पूजा करते थे। पाठ करने के बाद भगवान का आचमन करते और…