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साहित्य

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स्वयंभू शिव

जब शिव और पार्वती का विवाह होने वाला था, तो एक बड़ी सुंदर घटना हुई। उनकी शादी बहुत ही भव्य पैमाने पर हो रही थी।…

सोने के आम

राजा कृष्णदेव राय की माता बहुत वॄद्ध हो गई थीं। उन्हें लगा कि अब वे शीघ्र ही मर जाएंगी। उन्हें आम बहुत पसंद था…

हमज़ाद

मेरा नाम आशिमा है। मैं नहीं जानती कि मेरे मम्मी-पापा ने यह नाम क्यों रखा। पहले मैंने यह कभी जानने की कोशिश नहीं की…

कुत्ता और चीता

एक था कुत्ता। एक था चीता। दोनों में दोस्ती हो गई। कुत्ते का अपना घर नहीं था, इसलिए वह चीते के घर में रहता था। इसलिए…

कस्बे का आदमी

सुबह पांच बजे गाड़ी मिली। उसने एक कंपार्टमेंट में अपना बिस्तर लगा दिया। समय पर गाड़ी ने झांसी छोड़ा और छह बजते-बजते…

जादू के कंकड़

इंदु एक छोटी सी कुटिया में मां के साथ रहती थी। इंदु की मां फूलों का हार-गजरा बनाकर बेचती थी और अपना घर चलाती थी।…

स्वर्ग का रास्ता

अपने खेतों से काम खत्म कर थका हारा भोला जब घर की ओर लौट रहा था तो उसने जमींदार के घर से पंडित जी को निकलते देखा।…

वीरा

यह नाम मुझे निंदी ने दिया था। सच तो यह है कि जीवन में सच कभी-कभी कहानियों की तरह घट जाता है। ऐसे में उस सच्ची घटना…

शुक्रतारा

मानिंद्र ने बस से उतरकर देखा तो हैरान रह गया। दूर तक पहाड़, पेड़ सभी सफेद बर्फ से सिर से पांव तक ढक चुके थे। सड़क…