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रावी धीरे बहो …

शहर में नई आई नंदना को आश्चर्य तो हुआ, पर वह इसलिए चली गई क्योंकि आज सर्वेश दा का जन्मदिन था। सर्वेश दा ने तय किया…

चोर-सिपाही

उस दिन रेनी डे हो गया था बच्चे घर जल्दी पहुंच गए तो समझ में नहीं आ रहा था कि खाली समय में क्या करें । थोड़ी देर तक…

चने की थैली

चीन के किसी गांव में बारिश अचानक जैसे मुसीबत ही लेकर आई। रात भर में ही पूरा गांव पानी से भर गया। सभी अपना सामान…

बटरफ्लाई क्वीन…

पूर्वा शरारती तो थी ही, पर उसके सवाल अक्सर लोगों को उलझन में डाल देते थे। कुछ दिनों बाद स्थितियां ऐसी बनीं कि घर के…

शरारती बंदर

एक समय शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर में लकड़ी का काम बहुत था इसलिए लकड़ी चीरने…

फिर वापस लौटना…

साल से एक ही जगह रहते ऊबन सी लगने लगी थी इसलिए मैंने चंबा से कुछ दिनों के लिए बाहर जाने की तैयारी कर ली। मेरा पहला…

झगड़ालू मेंढक

एक कुएं में बहुत से मेंढक रहते थे। उनके राजा का नाम था गंगदत्त। गंगदत्त बहुत झगड़ालू स्वभाव का था। आसपास दो तीन और…

तीर्थ यात्रा

गाड़ियां जहां खड़ी थीं वहां से आगे को जाने वाली चढ़ाई पैदल ही थी। एक लंबे घुमावदार रास्ते पर चलकर ऊंचे पहाड़ तक…

टुकड़ा-टुकड़ा आकाश

love story: मंगला के पहाड़ों के ठीक सामने रावी बहती है तेज रफ्तार रावी। मंगला... यानी हरियाली का एक छोटा सा टुकड़ा…