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परी के पंख

पिता की मौत के बाद घर में चंदन अकेला रह गया उसकी मां की मौत पहले ही हो चुकी थी। आखिरकार एक दिन चंदन ने गांव से बाहर…

खामोश सरहदें

वह गर्मियों की रात थी, बनारस रेलवे स्टेशन से जब तांगा उन्हें लेकर रेवड़ी तालाब की पतली सी गली के मुहाने पर पहुंचा ,…

एलियन

सफर काफी थका देने वाला था। कई संकरी गलियों से होते हुए हम साहिल के घर पहुंचे... -हद है, कहां रहते हो तुम ? मैं अगर…

चूहे ने बचाई जान

राजू जिस गांव में रहता था उसके पास ही एक घना जंगल था। उस घने जंगल में गांव के लोग रोज लकड़ियां काटने जाते थे। हां,…

माता का जंगल

घाघरा नदी के किनारे बसा हुआ एक छोटा सा गांव। वह भरी दोपहर थी... गर्मी के इन दिनों में पशुओं को चराने के लिए काफी…

अगस्त के फूल

बहुत पहले की बात है एक घर में एक प्यारी सी लड़की हिमानी अपनी दो सौतेली बहनों और सौतेली मां के साथ रहती थी। वे सब…

सबसे अच्छी दिवाली

दिवाली को बस चार दिन रह गए थे सोनू और गुड़िया दोनों ही बेहद खुश थे। दोनों बार-बार अपनी गुल्लकें खनकाते और अंदाजा…

सोने का हाथ

उस शाम जब बच्चे घर में ज्यादा ही उधम मचाने लगे तो नानी ने पारुल का हाथ पकड़ा और उसे अपने पास बैठा लिया। -मैं तुम…

परदेस की गलियां

मंगल का दिन था जाने क्या बात थी कि इस दिन शहर से सात लाशें उठीं। ऐसा लगा जैसे श्मशान जाग गया हो। कोई एक्सीडेंट नहीं…