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कुत्ता और चीता

एक था कुत्ता। एक था चीता। दोनों में दोस्ती हो गई। कुत्ते का अपना घर नहीं था, इसलिए वह चीते के घर में रहता था। इसलिए…

कस्बे का आदमी

सुबह पांच बजे गाड़ी मिली। उसने एक कंपार्टमेंट में अपना बिस्तर लगा दिया। समय पर गाड़ी ने झांसी छोड़ा और छह बजते-बजते…

जादू के कंकड़

इंदु एक छोटी सी कुटिया में मां के साथ रहती थी। इंदु की मां फूलों का हार-गजरा बनाकर बेचती थी और अपना घर चलाती थी।…

स्वर्ग का रास्ता

अपने खेतों से काम खत्म कर थका हारा भोला जब घर की ओर लौट रहा था तो उसने जमींदार के घर से पंडित जी को निकलते देखा।…

वीरा

यह नाम मुझे निंदी ने दिया था। सच तो यह है कि जीवन में सच कभी-कभी कहानियों की तरह घट जाता है। ऐसे में उस सच्ची घटना…

शुक्रतारा

मानिंद्र ने बस से उतरकर देखा तो हैरान रह गया। दूर तक पहाड़, पेड़ सभी सफेद बर्फ से सिर से पांव तक ढक चुके थे। सड़क…

स्नोमैन और सांता

रात बेहद उजली थी चारों तरफ फैली बर्फ की चादर पर खड़ा अकेला स्नोमैन उदास था। सुबह से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी…

परी के पंख

पिता की मौत के बाद घर में चंदन अकेला रह गया उसकी मां की मौत पहले ही हो चुकी थी। आखिरकार एक दिन चंदन ने गांव से बाहर…

खामोश सरहदें

वह गर्मियों की रात थी, बनारस रेलवे स्टेशन से जब तांगा उन्हें लेकर रेवड़ी तालाब की पतली सी गली के मुहाने पर पहुंचा ,…