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अंकों की दुनियाः जानें कौन सा अंक शुभ कौन सा अशुभ

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भारत में तेरह के अंक ने अंध विश्वासों की दुनिया में अपना एक विशिष्ट स्थान बना लिया है और यह आज से नहीं प्राचीन काल से चला आ रहा है किसी भी भोज में तेरह लोगों का शामिल होना अपशकुन माना गया है।

कहते हैं कि तेरह व्यक्तियों के भोजन में शामिल किसी एक व्यक्ति का साल बीतने से पहले ही मृत्यु हो जाती है। यह अंक आपके कर्मों को घेरता है। यदि टैरो कार्ड के संदर्भ से देखें तो 13 के अंक का मतलब ही है मौत। यह नंबर रूहों के आने का संदेश देता है। ज्योतिष शास्त्र, बल्कि धार्मिक तथ्य भी 13 नंबर को बुरा मानते हैं। 13 तारीख को ईसाई धर्म में भी बुरा अंक कहा गया है। माना जाता है कि यही वह दिन है जब ईसा मसीह द्वारा क्रॉस पर आखिरी सांसें ली गई थीं।

यदि शुक्रवार के दिन, जिस दिन तारीख भी 13 ही हो, यदि आप काली बिल्ली देख लें तो यह अच्छा संकेत नहीं है। लेकिन कुछ देशों में 13 को शुभ भी माना जाता है। फ्रांस में खासतौर पर 13 तारीख के साथ यदि शुक्रवार भी आने वाला हो तो एक बड़ा समारोह आयोजित किया जाता है। इसके अलावा भी ऐसे कई अंक हैं, जो अशुभ माने जाते हैं। भारत के पड़ोसी देश चीन में भी नंबर चार को मौत के समान माना जाता है। चीन में ज्यादातर इमारतें जो केवल चार मंजिला हैं उनकी चौथी मंजिल ढह जाती हैं।

अंक 4 का भय चीन में इस कदर फैला है कि सरकार द्वारा भी इसे इस्तेमाल नहीं किया जाता। इटली में शुक्रवार को अच्छा दिन नहीं माना जाता अगर तारीख भी 17 हो। शुक्रवार और 17 को यदि रोमन नंबर की तरह लिखा जाए तो लातीनी भाषा में इसका अर्थ है ‘जिंदगी खत्म हो जाना’। नंबर 666 को राक्षस या फिर दानव का अंक बताया जाता है। माना जाता है कि यह अंक जहां कहीं दिखे तो समझ जाएं कि राक्षस का साया आसपास ही है।

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