Pataleshwar Temple विवाद : बैरंग लौटे Officer

सचिन ओबरॉय/पांवटा साहिब। मंदिर हटाने को लेकर पांवटा साहिब में बखेड़ा हो गया। वन विभाग की टीम को लोगों के विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पातलियां के प्राचीन पातलेश्वर महादेव शिव मंदिर को हटाने के लिए जैसे ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो उसकी भनक स्थानीय लोगों को लग गई। इसके बाद मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और वन विभाग की टीम का घेराव शुरू कर दिया।

  • पातलियां पंचायत में मंदिर हटाने का विरोध
  • गुस्साए लोगों ने डीएफओ को सौंपा ज्ञापन

इससे पहले विभाग के अधिकारी कुछ समझ पाते लोगों का गुस्सा बढ़ना शुरू हो गया। इसके बाद विभाग के अधिकारी मौके से वापस लौट आए। स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएफओ पांवटा साहिब से मिला और उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। लोगों ने डीएफओ से मंदिर को हटाने की कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि इससे हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। विभाग की कार्रवाई से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। लोगों ने साथ ही विभाग को दो टूक चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि अगर विभाग अपनी कार्रवाई जारी रखता है तो लोग सड़कों पर उतरेंगे। इसके बाद अगर यहां कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी विभाग की होगी।

क्या है मामला

क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र रहे इस मंदिर को पिछले कई वर्षों से वन विभाग द्वारा हटाए जाने के प्रयास होते रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि जंगलात की जमीन पर मंदिर का अवैध निर्माण हुआ है,जिसे हटाया जाना चाहिए। इस बाबत विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, जिसका फैसला विभाग के पक्ष में आया है। लिहाज़ा वन विभाग की टीम ने पिछले कल मंदिर के सामने भंडारा बनाने वाले कमरे की टीन भी उतार दी गई थी। उधर,पंचायत प्रधान दादा राम, सचिव विजेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सुशील कपूर भी मौके पर थे।

रविवार को जनरल हाउस

पंचायत प्रधान का कहना है कि रविवार को जनरल हाउस रखा गया है। स्थानीय लोग इसमें भाग लें और अपनी समस्या रखें। इसके बाद जो भी फैसला होगा वो सभी मिलजुल कर लें।

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