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रिवालसर में शांतिदूत

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करीब दस वर्षों बाद रिवालसर पहुंचे दलाईलामा, शांति का संदेश फैलाने का आहवान किया

मंडी। धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा बुधवार को रिवालसर पहुंचे। करीब दस वर्षों के बाद दलाई लामा का रिवालसर पहुंचे। सुबह ठीक 11 बजे दलाई लामा का काफिला रिवालसर शहर में पहुंचा जहां पर बौद्ध अनुयायियों और स्थानीय लोगों ने lambaउनका पारंपरिक स्वागत किया। रिवालसर पहुंचने पर दलाई लामा यहां के एक मठ में गए और वहां पर पूजा अर्चना की। इसके साथ ही दलाई लामा ने यहां पर कुछ लोगों से भी मुलाकात की और नाश्ते के रूप में सूप ग्रहण किया। इसके बाद दलाई लामा करीब 12.30 बजे रिवालसर की पवित्र झील के तट पर पहुंचे। यहां पर देश- विदेश से आये हजारों बौद्ध अनुयायी दलाई लामा के प्रवचन सुनने के लिए उनका इंतजार कर रहे थे। दलाईलामा ने पंडाल में पहुंचकर उपस्थित अनुयायियों का अभिवादन स्वीकार किया और उपरांत इसके प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया। दलाईलामा ने अपने संबोधन में सभी से विश्व भर में शांति का संदेश फैलाने का आहवान किया। दलाई लामा ने अपने संबोधन में कहा कि आज मानव को मानव की सेवा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज सभी पहले अपने बारे में सोचते हैं जबकि इस प्रकार की धारणा को समाप्त करते हुए हमें पहले समाज के प्रति या दूसरे के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिये। lamba3उन्होंने कहा कि आज विश्व में शांति का संदेश फैलाने की आवश्यकता है ताकि पूरा विश्व शांति के माहौल में रह सके और किसी भी प्रकार का उपवाद न हो सके। दलाईलामा के प्रवचनों को सुनने के लिए बौद्ध अनुयायियों का भारी हजूम देखने को मिला। हालांकि इस दौरान काफी बारिश भी हुई लेकिन बौद्ध अनुयायी प्रवचनों को सुनने के लिए पंडाल में डटे रहे। दलाईलामा रिवालसर के तीन दिवसीय प्रवास पर आये हुए हैं और तीन दिनों तक वह रिवालसर की पवित्र झील के तट पर ही प्रवचन देंगे। उनके दौरे के दौरान सुरक्षा भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।

 

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2 Comments
  1. Rajesh Sharma says

    शांति का संदेश

  2. shaila thakur says

    विश्व शांति का संदेश

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