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Petrol व Diesel की कीमतों में भारी उछाल, लाहुल-स्पीति में सबसे महंगा

Petrol और Diesel की कीमतें बीते 3 साल में सबसे ज्यादा

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हिमाचल अभी अभी डेस्क। सखी सइयां तो खूब ही कमात है, महंगाई डायन खाए जात है। फिल्म पीपली लाइव के गाने के ये बोल आज बिलकुल सटीक बैठते हुए नजर आ रहे हैं। चाहे जितना भी कमाओ, महंगाई नामक डायन आपकी मेहनत की कमाई खा ही जाएगी। अब बात करें अगर ईंधन की तो Petrol और Diesel की कीमतों में बीते 3 साल में जिस तरह से उछाल आया है, वैसा शायद आज तक नहीं हुआ। बात अगर राष्ट्रीय स्तर पर की जाए तो देश के महानगरों में Petrol और Diesel जनता की जेब लूटते नजर आ रहे हैं और ठीक कुछ ऐसा ही हाल हिमाचल प्रदेश का भी है। इंडियन ऑयल के मुताबिक, मेट्रो शहरों में मंगलवार को नॉन-ब्रांडेड पेट्रोल की कीमतों में 11 से 13 पैसे और डीजल की कीमतों में 13 से 14 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। Petrol और Diesel की कीमतों में आए उछाल को 2013 के बाद सबसे अधिक बताया जा रहा है। चलिए पहले आपको दिखाते हैं देश के महानगरों में मंगलवार को क्या रहीं Petrol व Diesel की कीमतें –Petrol व Diesel की कीमतों में उछाल से हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं है। इस पहाड़ी प्रदेश में Petrol 75.25 रुपए प्रति लीटर तक जा पहुंचा, जबकि Diesel भी पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 65.36 रुपए प्रति लीटर की दर से बिका। प्रदेश में सबसे महंगा Petrol लाहुल-स्पीति में 75.25 रुपए प्रति लीटर की दर से बिका, जबकि Diesel किन्नौर में 65.36 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से प्रदेश में सबसे महंगा बिका। अब जिलावार एक नजर डालते हैं Petrol व Diesel की कीमतों में आए उछाल के बाद हिमाचल प्रदेश में बढ़े हुए दामों पर:

                           Petrol     Diesel

  • लाहौल-स्पिति –     75.25          65.22
  • किन्नौर –              75.11          65.36
  • चंबा –                 75.01          65.36
  • कुल्लू –               74.83           65.07
  • कांगड़ा –            74.45           64.87
  • शिमला –            74.19           64.52
  • मंडी –                74.16           64.58
  • सोलन –              73.26           63.78

अब अगर बीते 3 सालों पर एक नजर दौड़ाई जाए तो केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद साल 2016 में ही Petrol और Diesel की कीमतों में कुछ कमी नजर आई थी। जनवरी 2015 में कच्चे तेल की कीमत 48 डॉलर प्रति बैरल थी और जनवरी 2016 तक यह 30 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे जा पहुंची। जनवरी 2016 में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर थी, वहीं दिसंबर 2017 तक यह 69.81 रुपए प्रति लीटर तक जा पहुंची और 3 अप्रैल 2018 को Petrol ने 73.95 रुपए प्रति लीटर का आंकड़ा छुआ। 31 दिसंबर 2015 जनता के लिए खुशखबरी लेकर आया और पेट्रोल 63 पैसे व डीजल 1.06 रुपये प्रति लीटर सस्‍ते हुए। 15 जनवरी 2016 को एक बार फिर Petrol 32 पैसे प्रति लीटर सस्‍ता हुआ और Diesel की कीमतों में भी कमी दर्ज की गई। 29 फरवरी 2016 को Petrol 3.02 रुपये सस्ता हुआ, लेकिन डीजल की कीमतों में 1.47 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। 2016 के दौरान वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उत्पाद शुल्क में नौ बार बढ़ोतरी की। उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद केंद्र ने राज्यों से वैट घटाने को कहा, लेकिन महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ही ऐसे 4 राज्य थे जिन्होंने वैट घटाया।

बता दें कि, दक्षिण एशियाई देशों में भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत सबसे अधिक है। पेट्रोल पंप पर ईंधन की कीमत में आधा हिस्सा टैक्स का होता है। Petrol और Diesel की कीमतों में उछाल वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढ़ने को बताया जा रहा है। वैश्विक बाजारों में तेल के दाम बढ़ने से Petrol बीते चार साल में सबसे महंगा बिक रहा है। वहीं Diesel की कीमत भी बीते कुछ वर्षों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के व्यापार के दो प्रमुख मानक हैं, ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई यानी वेस्ट टेक्सास इंटीमीडिएट। दोनों प्रमुख मानकों में दिसंबर 2014 के बाद काफी तेजी दर्ज की गई है। बीते सप्ताह ब्रेंट 70.05 डालर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई 64.77 डालर तक पहुंचा था। ऐसे में जनता की जेब पर महंगाई का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जिसके चलते केंद्र सरकार से उत्पाद शुल्क में कटौती किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।

यहां Click कर जानें देशभर में Petrol व Diesel की कीमतें:

 

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