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हिमाचल सहित देश के 29 करोड़ छात्रों से Live होंगे Modi, एग्जाम स्ट्रेस से बचने के देंगे Tips

शिक्षा मंत्री ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेडकर के साथ देशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ किया

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लेखराज धरटा/शिमला। पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल सहित पूरे देश के छात्रों को एग्जाम स्ट्रेस से बचने के टिप्स देंगे। इसके लिए पीएम मोदी 16 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम से लाइव होंगे। इस लाइव टेलीकास्ट में हिमाचल सहित पूरे देश के करीब 29 करोड़ छात्र सीधे पीएम मोदी से जुड़ेंगे। इस कड़ी में आज शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेडकर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस देशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बता दें कि पीएम मोदी ने एग्जाम वॉरियर्स नामक एक किताब लिखी है।
इस किताब में एग्जाम स्ट्रेस से निपटने और अच्छा परफार्म करने के टिप्स दिए गए हैं। हिमाचल में सात लाख छात्र इस लाइव टेलीकास्ट का हिस्सा बनेंगे। साथ ही करीब 13 लाख के करीब अभिभावक भी भाग लेंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के लिए डीसी को पत्र जारी कर दिए हैं। इसके तहत सभी अधिकारी छात्रों और उनके अभिभावकों को जागरूक करेंगे।
प्रदेश में इस वक् त करीब साढ़े तीन हजार स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा है। इन स्कूलों में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। साथ प्रदेश में सिनेमाघरों और केबल ऑपरेटर के माध्यम से भी कार्यक्रम दिखाने की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि जहां संभव नहीं होगा, वहां पर रिकॉडिंग के जरिए एयर यू टयूब के माध्यम से दिखाने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा मंत्री बोले, सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या पर होगा शोध

भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सभी विभागों के मंत्रियों को भी पत्र लिखा गया है कि वो अपने विभागों की ऐसी कोई स्टडी करवाएं, जिसे विभाग आम जनता के लिए इसका सदुपयोग करवाया जा सके। सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में लगातार कमी को चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि  इसके लिए सर्वे करवाया जाएगा। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में शोध कार्यों को बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में 24 विश्व विद्यालय हैं। लेकिन, जिस तरह से इनमें शोध कार्य होने चाहिए नहीं हो पा रहे हैं। इसको बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
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