BSF जवान का Video: PMO ने गृह मंत्रालय से मांगी REPORT

नई दिल्ली । बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव द्वारा वीडियो जारी करके घटिया खाना दिए जाने और अफसरों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाने के मामले पर अब पीएमओ ने संज्ञान लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय ने इस बारे में गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। पीएमओ यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाएं जवानों तक पहुंच रही हैं। बता दें कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले ही इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए थे। वहीं, बीएसएफ भी इस मामले की जांच कर रही है। उधर, तेज बहादुर के वीडियो पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तेज बहादुर ने आरोप लगाया था कि उस पर वीडियो हटाने और माफी मांगने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, बीएसएफ ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पर असर न हो,  इसलिए जवान को कैंप ड्यूटी से हटाकर हैडक्वॉर्टर पर तैनात किया गया है। उधर, तेज बहादुर की पत्नी ने भी अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

  • पत्नी ने भी उच्च अधिकारियों के खिलाफ खोला मोर्चा

उन्होंने पूछा कि अगर उनके पति मानसिक तौर पर फिट नहीं हैं तो बीएसएफ ने उन्हें बंदूक कैसे दे दी। बता दें कि बीएसएफ की ओर से यह कहा गया है कि तेज बहादुर के बर्ताव की वजह से उस पर कई बार अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है। एक बार तो उसका कोर्ट मार्शल होना था, लेकिन उसके परिवार का ध्यान करते हुए कोई कार्रवाई नहीं की गई। बीएसएफ जवान के बाद अब एक सीआरपीएफ जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जवान ने सुविधाओं की कमी होने की बात करते हुए अनदेखी का आरोप लगाया है। वहीं, एक अन्य बीएसएफ जवान की चिट्ठी भी सामने आई है। इसमें लंबे ड्यूटी के घंटों और खाने की खराब क्वॉलिटी को लेकर आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि तेज बहादुर के आरोपों के बाद बीएसएफ ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट बुधवार को गृह मंत्रालय को सौंप दी। उधर, सीमाई इलाकों में तैनात जवानों के पास डायटिशियन भेजने की बात भी सामने आई है।

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