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कर्नाटक : Speaker के हाथ में है Yeddyurappa सरकार के किस्मत की चाबी 

protem speaker holds the key of Yeddyurappa's future

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बेंगलुरू। वक्त कम है और चुनौतियां कई। Karnataka में CM पद की शपथ लेने के बाद BS Yeddyurappa की हालत कुछ ऐसी ही है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शनिवार शाम 4 बजे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने को कहा है। गवर्नर ने प्रोटेम स्पीकर के तौर पर बीजेपी एमएलए केजी बोपैया को नियुक्त किया है। इससे पहले कांग्रेस विधायक आरवी देशपांडे और बीजेपी के उमेश कट्टी का नाम इसके लिए सबसे आगे चल रहा था। बोपैया तीन बार बीजेपी के विधायक रह चुके हैं। Speaker की भूमिका यहां इसलिए बहुत अहम है, क्योंकि वे ही बीजेपी को दलबदल निरोधी कानून के चंगुल से बचा सकते हैं।
protem speaker, karnataka, floor test, latest hindi newsकांग्रेस के एक विधायक ने शुक्रवार को यहां कहा कि अगर Yeddyurappa अपनी पसंद का स्पीकर नहीं चुन पाते हैं तो फ्लोर टेस्ट में उनका पास होना बहुत मुश्किल होगा। बीजेपी को अपनी पसंद का स्पीकर चुनने के लिए सदन में सात और सदस्यों का समर्थन चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में यह मुमकिन नहीं दिखता। वैसे नियमानुसार, सदन में सबसे लंबे समय तक सदस्य रहे विधायक को प्रोटेम स्पीकर चुना जाता है, जो नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने से लेकर पूर्णकालिक स्पीकर के चुनाव तक सदन को संचालित करता है।
फिलहाल सदन में कांग्रेस के दो विधायक आरवी देशपांडे और बीजेपी के उमेश काट्टी ही सबसे लंबे समय तक सदस्य रहे हैं। हालांकि, बीजेपी सूत्रों का कहना है कि पूर्व स्पीकर जगदीश शेट्टर और केजी बोपैया के साथ ही पूर्व मंत्री विश्वेश्वर हेगड़े का नाम भी प्रोटेम स्पीकर के लिए चर्चा में था। कानून के जानकारों का कहना है कि संविधान में प्रोटेम स्पीकर की भूमिका स्पष्ट नहीं है। इसमें यह साफ नहीं किया गया है कि क्या प्रोटेम स्पीकर फ्लोर टेस्ट करा सकते हैं। अगर बीजेपी की रणनीति के अनुसार, विपक्ष के कुछ सदस्य फ्लोर टेस्ट में गैर मौजूद रहते हैं तो Speaker को उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई का वाजिब अधिकार होता है।
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