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सीएंडवी @ डीएलएड कोर्सः मांगे न माने जाने पर शिक्षा निदेशालय के बाहर होगा धरना-प्रदर्शन

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ऊना। सीएंडवी अध्यापक संघ की प्रदेशस्तरीय बैठक में  शिक्षा विभाग द्वारा डीएलएड कोर्स सीएंडवी अध्यापकों पर थोपने व शिक्षकों को अप्रशिक्षित घोषित करने का कड़ा विरोध किया है। ऊना में आयोजित हुई बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने की। बैठक में कहा कि शिक्षा विभाग ने अगर शीघ्र ही अध्यापकों की मांगे नहीं माने तो सभी अध्यापक एकजुट होकर शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना-प्रदर्शन से भी गुरेज नहीं करेंगे। प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल ने राजकीय सीएंडवी अध्यापक संघ की राज्य स्तरीय बैठक में कहा कि एक तरफ तो प्रदेश के सीएम भारत सरकार द्वारा प्रदेश को शिक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने का पुरस्कार दिलवाते हैं। तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग शिक्षकों को अप्रशिक्षित बताता है। बैठक का मुख्य मुद्दा डीएलएड रहा, जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा डीएलएड कोर्स सीएंडवी अध्यापकों पर थोपने व शिक्षकों को अप्रशिक्षित घोषित करने का कड़ा विरोध किया गया।

भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में इसी का एक कोर्स डाला जाए

शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2001 से 2017 तक नियुक्त सभी सीएंडवी अध्यापकों को डीएलएड करने के लिए आदेश जारी किया है। जब संघ ने इसका विरोध किया तो उसके पश्चात वर्ष 2010 से पहले नियुक्त सभी अध्यापकों को डीएलएड की छूट दी गई व उसके बाद नियुक्त सभी भाषा व शास्त्री अध्यापकों को डीएलएड की छूट नहीं मिली। जबकि संघ ने 2017 तक सभी अध्यापकों को डीएलएड में छूट प्रदान की है। क्योंकि 2017 में जितने भी अध्यापकों की नियुक्ति हुई है वो शिक्षा विभाग द्वारा जारी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार ही हुई है। फिर सीएंडवी अध्यापक डीएलएड क्यों करें।

अध्यापक संघ का कहना है कि यदि उन्हें डीएलएड करवाना है तो इससे पहले भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में इसी का एक कोर्स को डाला जाए व उसके बाद आगे की नियुक्तियां की जाएं। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि अगर अब शिक्षा विभाग शिक्षकों को अप्रशिक्षित कहता है तो इतने वर्ष तक विभाग कहां सोया था। संघ ने दो टूक शब्दों में विभाग से डीएलएड करने को मना कर दिया है, इसके बाबजूद यदि उनको मजबूर किया जाएगा तो तो संघ सड़कों पर उतर इसका प्रर्दशन करेगी।

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