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घटिया आटा सप्लाई करने वाली तीन आटा मिल Black List, सिक्योरिटी राशि भी जब्त

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शिमला। प्रदेश सरकार ने गेहूं की पिसाई में गुणवत्ता पर ध्यान न देने वाली तीन आटा मिलों पर कार्रवाई की है। इन मिलों को अगले तीन माह के लिए ब्लैक लिस्ट किया गया है। खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग ने यह कार्रवाई इन मिलों के सैंपल बार-बार फेल होने पर की है। इसके अलावा चार मिलों को चेतावनी जारी करते हुए उनके दिए जाने वाले गेहूं के कोटे में 50 फीसदी की कटौती कर दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक जिन मिलों के खिलाफ खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग ने कार्रवाई की हैए उनकी मिलों से लिए गए पांच-पांच सैंपल फेल हुए हैं और इसके बाद इन पर ये कार्रवाई की गई है। जिन मिलों पर कार्रवाई की गई हैए वे अगले तीन माह तक कोई कार्य विभाग का नहीं कर पाएगी। इनमें एक मिल बैजनाथ की है और एक मंडी व एक कुल्लू की है। विभाग की इस कार्रवाई से मिल मालिकों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने इन मिलों के साथ अन्य मिल मालिकों को चेतावनी भी दी है कि यदि उनके काम में भी अनियमितता पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

Flour Sample Fail

बताते हैं कि इन तीनों मिलों के मालिकों द्वारा खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग को घटिया आटा सप्लाई किया जा रहा था। इन पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए इनकी सिक्योरिटी राशि भी जब्त की है। इन्होंने 20-20 हजार रूपए की सिक्योरिटी राशि जमा की थी। बताते हैं कि इन मिलों को सप्लाई होने वाला गेहूं अब अन्य मिलों को वितरित होगा। बताते हैं कि विभाग ने चार मिलों को दिए जाने वाले कोटे में भी कमी की है और यह भी इसलिए की गई है क्योंकि इनकी भी शिकायतें आई थी।

उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव “खाद्य आपूर्ति व विभाग” तरूण कपूर ने संपर्क करने पर कहा कि पीडीएस के तहत दिए जाने वाले आटे की गुणवत्ता की शिकायतें आ रही थी और इसके सैंपल लिए गए थे। उनका कहना था कि जिन मिलों को गेहूं पिसाई के लिए दिया जाता थाए उनके सैंपल कई बार फेल हुए थे और इसे देखते हुए विभाग ने तीन मिलों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैक लिस्ट किया है। इन पर कार्रवाई करते हुए तीन माह तक गेहूं नहीं दिया जाएगा और बाद में विभाग विचार करेगा कि आगे क्या करना है।

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