सांता क्लॉज इज Coming to Town

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सांता क्लॉज़ को आम तौर पर एक मोटे, हंसमुख सफ़ेद दाढ़ी वाले आदमी के रूप में चित्रित किया जाता है, जो सफ़ेद कॉलर और कफ़ वाला लाल कोट पहनता है, इसके साथ वह चमड़े की काली बेल्ट और बूट पहनता है। यह छवि संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में 19 वीं सदी में लोकप्रिय हो गयी। इस छवि को लोकप्रिय बनाने में तत्कालीन राजनीतिक कार्टूनिस्ट थॉमस नास्ट ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। संयुक्त राष्ट्र और यूरोप में, उन्हें अक्सर अमेरिकी सांता क्लॉज़ के रूप में चित्रित किया जाता है, परन्तु उन्हें अक्सर फादर क्रिसमस कहा जाता है। सांता क्लॉज़ से जुड़ी एक लोककथा के अनुसार वह उत्तर में किसी दूर क्षेत्र में एक बर्फीले देश में रहता है।santa-claus-wallpaper

सांता क्लॉज़ के अमेरिकी संस्करण के अनुसार, वह उत्तरी ध्रुव में अपने घर में रहता है, जबकि अक्सर ऐसा कहा जाता है की फादर क्रिसमस फिनलैंड के लोपलैंड प्रान्त में कोरवातुन्तुरी के पहाड़ों में रहता है। कहते हैं कि सांता क्लॉज़ अपनी पत्नी श्रीमती क्लॉज़ के साथ वहां रहता है। उसके साथ बड़ी संख्या में कल्पित बौने और कम से कम आठ या नौ उड़ने वाले रेन्डियर रहते हैं। वह पूरी दुनिया के बच्चों की एक सूची बनाता है,उन्हें उनके व्यवहार के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में रखता है और क्रिसमस की पूर्व संध्या वाली रात, दुनिया के सभी अच्छे लड़कों और लड़कियों को खिलौने, केन्डी और अन्य उपहार देता है और कभी कभी शरारती बच्चों को कोयला देता है। रेन्डियर उसकी गाड़ी को खींचता है।

सांता क्लॉज से जुड़ी किंवदंतियों का सच संत निकोलस नाम के एक दरियादिल व्यक्ति से जुड़ा है। इनका जन्म तीसरी सदी में ईसा मसीह की मृत्यु के लगभग 280 साल बाद उस समय के ग्रीक और वर्तमान में तुर्की के दक्षिणी हिस्से में मायरा नामक स्थान पर हुआ था। वे एक अमीर परिवार से थे।

उनके माता-पिता की मृत्यु महामारी में हो गयी और वे बचपन में ही अनाथ हो गये। ईसा मसीह के जीवन और उनके उपदेशों से वे काफी प्रभावित थे। उनसे प्रेरणा लेते हुए उन्होंने अपना जीवन जरूरतमंदों और दुखी लोगों की सेवा में लगा दिया। बच्चों के लिए उनके मन में असीम प्यार था। अपने दयालु और हंसमुख मिजाज के कारण वे बच्चों में काफी लोकप्रिय थे। कहा जाता है कि एक बार एक व्यक्ति को पैसे की कमी के कारण अपनी तीन बेटियों का विवाह करने में परेशानी आ रही थी।santa-1

स्थिति ऐसी थी कि उन लड़कियों को दासी के रूप में काम करने की नौबत आ गयी।तब निकोलस ने चुपके से उनकी तीनों बेटियों की सूखने के लिए डाले गये मोजे में सोने के सिक्कों की थैलियां रख दी। इस तरह उन्होंने उस परिवार को लाचारी की जिंदगी जीने से बचा लिया। तब से बच्चे क्रिससम की रात अपने मोजे को घर के बाहर लटकाने लगे। आधुनिक सांता क्लॉज को सामने लाने का श्रेय क्लेमेंट क्लॉर्क मूर नामक व्यक्ति को जाता है। क्लेमेंट मूर बिशप समूह के मंत्री थे। सन 1822 में क्लेमेंट क्लार्क मूर ने अपनी तीन बेटियों के लिए क्रिसमस के अवसर पर एक कविता लिखी। अकाउंट ऑफ द विजिट फ्रॉम सेंट निकोलस शीर्षक से लिखी गयी इस कविता में सांता की रूपरेखा खींची गयी। इस कविता में लाल परिधान में सफेद दाढ़ी वाले एक हंसमुख बुजुर्ग का चरित्र-चित्रण किया गया जो रेंडियर स्लेज पर सवार होता है और चिमनियों के रास्ते घरों में चुपके से आता है। दीवार पर टंगी जुराबों में बच्चों के लिए तोहफा डाल जाता है।

क्रिसमस ट्री

क्रिसमस ट्री अर्थात क्रिसमस वृक्ष का क्रिसमस के मौके पर विशेष महत्व है। सदाबहार क्रिसमस वृक्ष डगलस, बालसम या फर का पौधा होता है जिस पर क्रिसमस के दिन बहुत सजावट की जाती है। अनुमानतः इस प्रथा की शुरुआत प्राचीन काल में मिस्रवासियों, चीनियों या हिबू्र लोगों ने की थी। यूरोप वासी भी सदाबहार पेड़ों से घरों को सजाते थे।christmas-tree

ये लोग इस सदाबहार पेड़ की मालाओं, पुष्पहारों को जीवन की निरंतरता का प्रतीक मानते थे। उनका विश्वास था कि इन पौधों को घरों में सजाने से बुरी आत्माएं दूर रहती हैं। सदियों से सदाबहार वृक्ष फर या उसकी डाल को क्रिसमस ट्री के रूप में सजाने की परंपरा चली आ रही है। प्राचीनकाल में रोमनवासी फर के वृक्ष को अपने मंदिर सजाने के लिए उपयोग करते थे। लेकिन जीसस को मानने वाले लोग इसे ईश्वर के साथ अनंत जीवन के प्रतीक के रूप में सजाते हैं। हालांकि इस परंपरा की शुरुआत की एकदम सही.सही जानकारी नहीं मिलती है।

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