भगवान कृष्ण की बालरूपी बैठी हुई मूर्ति होती है शुभ

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सभी के पूजाघरों में देवी-देवताओं की अनेक मूर्त‌ियां और तस्वीरें लगी होती हैं, लेकिन ये मूर्तियां और तस्वीरें वास्तु के अनुसार घर में सुख-समृद्धि लाने के अनुकूल हैं या नहीं, यह बात कोई नहीं जानता। वास्तु के अनुसार, देवी देवताओं की मूर्त‌ियां घर में क‌िस रूप में है और कहां पर स्थापित हैं, यह बात घर की सुख-समृद्धि और धन आदि पर बहुत असर डालती है। इसल‌‌िए जब भी घर में देवी-देवताओं की मूर्त‌ियां स्थापित करें तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है।

  • घर के मंदिर में भगवान कृष्ण की बालरूपी बैठी हुई मूर्ति रखना सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा अगर श्रीकृष्ण और देवी राधा की जुगल-जोड़ी हो तो ऐसी मूर्ति खड़ी मुद्रा की भी रखी जा सकती है।
  • घर में देवी लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कुबेर की मूर्त‌ि कभी खड़ी नहीं होनी चाह‌िए। इनका बैठा होना शुभ और लाभदायक होता है। भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी की मूर्ति को मंदिर की उत्तर दिशा में स्थापित करना शुभ होता है।
  • घर में भगवान गणेश की केसरिया या पीले रंग के वस्त्र वाली मूर्ति रखना बहुत शुभ माना जाता है। इसके अलावा नृत्य करती गणेश प्रतिमा भी घर में शुभ अवसर लाती है।

  • राम भक्त हनुमान की कृपा आपके घर बनी रहे इसके लिए पंचमुखी बालाजी की मूर्ति या तस्वीर को घर के दक्षिण पूर्व और दक्षिण दिशा के बीच में लगाएं और यह भी ध्यान रखें कि हनुमान जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर हो।
  • वास्तु व‌िज्ञान के अनुसार नटराज रूप वाली श‌िव प्रत‌िमा घर में नहीं होनी चाह‌िए। इसका कारण यह है क‌ि भगवान श‌िव जब तांडव नृत्य करते हैं तो व‌िनाश होता है। नटराज रूप में श‌िव तांडव करते इसल‌िए इन्हें घर में नहीं लाएं।
  • घर में खंडित मूर्ति या भगवान का फटा हुआ चित्र नहीं रखना चाहिए. वास्तु व ज्योतिष दोनों के हिसाब से ही यह अशुभ हैं।
  • पूजा स्थल में एक ही भगवान की दो मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। एक ही भगवान की दो मूर्तियां आस-पास तो बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए। ऐसा होने पर उस घर में कलह होती है।

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