शौच मुक्त Mandi जिला सिर्फ कागजों में, सुंदरनगर के Slum Area ने खोली पोल

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नितेश सैनी/ ​सुंदरनगर। शौच मुक्त मंडी जिला को मिला अवॉर्ड हकीकत में बेमानी है। दरअसल मंडी जिला सिर्फ कागजों में ही शौच मुक्त है। जिला के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित स्लम बस्तियां आज भी शौच मुक्त नहीं हो पाई हैं। सैकड़ों खानाबदोश जो जिला के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले कई दशकों से रह रहे हैं, उनके पास न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही कूड़ा-कचरे को ठिकाने लगाने की। सुंदरनगर शहर के रोपा चांदपुर में स्थित झुग्गी-झोंपड़ियों में न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही शौचालय का प्रबंध है। यहां रहने वाले प्रवासियों का जीवन किसी नरक से कम नहीं है। ठंड भरे मौसम में यहां पर खुले आसमान के नीचे 50 के करीब परिवार जीवन बसर करने को विवश हैं।

स्वयंसेवियों ने स्लम एरिया का दौरा कर प्रवासियों को स्वच्छता बारे किया प्रेरित

इससे निश्चित तौर पर स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम को गहरा आघात लगा है। प्रवासी लोग यहां पर खुले में शौच करने को विवश हैं, जिससे यहां पर स्थित आईपीएच विभाग की उठाऊ पेयजल योजना की जलआपूर्ति की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है। गंदगी भरे एरिया से पानी का रिसाव सीधे तौर पर पेयजल टैंक की ओर हो रहा है। अगर समय रहते इस बस्ती में शौचालय की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में कोई भी बीमारी पनप सकती है रविवार को इस बात को लेकर वसुथा संस्था व जवाहर लाल नेहरू राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के एनएसएस के स्वयंसेवियों ने दौरा किया और प्रवासी लोगों के परिजनों, बच्चों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने प्रवासियों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया।

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