स्नोमैन और सांता

रात बेहद उजली थी चारों तरफ फैली बर्फ की चादर पर खड़ा अकेला स्नोमैन उदास था। सुबह से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी …बच्चे घरों से बाहर निकल कर बर्फ में खेलने लगे थे । फिर उन सबने मिलकर स्नोमैन बनाया बेहद खूबसूरत सा स्नोमैन। फर के आगे उसे खड़ा कर उसके सिर पर टोप भी लगा दिया । अब स्नोमैन सूट-बूट पहने, गले में मफलर लपेटे अच्छा खासा जेंटल मैन लगने लगा था। बच्चों की कलाकारी थी और उन्होंने बड़ी मेहनत से उसे बनाया था। बच्चे दिन भर उसके आस-पास खेलते रहे एक दूसरे पर बर्फ के गोले उछालते रहे गाने गाते रहे और वह मजा लेता रहा , पर जैसे ही रात हुई वे सब घरों की ओर वापस हो लिए।

अब स्नोमैन बिल्कुल अकेला था। उसने इतना जरूर सुना था कि वे अपनी खिड़कियों से मोजे लटकाने की बात कर रहे थे। कह रहे थे कि आधी रात को सांताक्लाज आएगा और उनके मोजों में उपहार रख कर जाएगा। कैसा होगा सांता क्लाज..। उसने मन ही मन सोचा…बच्चे आपस में बात कर रहे थे कि वह नार्थ पोल से चांद के रास्ते आता है । कितना अच्छा होता कि मैं भी उसे देख पाता । मेरे पास तो कोई मोजे भी नहीं हैं जो मैं इस पेड़ से लटका सकूं। स्नो मैन उदास मन से सामने वाले घर को देख रहा था जिसकी खिड़कियों से छनकर रोशनी बाहर आ रही थी । बच्चों का कोलाहल अब भी उसको सुनाई दे रहा था। चांद के चारों ओर सतरंगा घेरा था। उससे थोड़ी सी दूरी लेकर एक और बड़ा सफेद घेरा था।snowman-2

क्या हो रहा है आसमान में …क्या कोई सभा हो रही है । बच्चे तो यही कह रहे थे कि जब भी चांद अपनी मीटिंग बुलाता है तो ऐसा ही घेरा बनता है। उसके सारे सहयोगी घेरा बना कर ही बैठते हैं। उसने मन ही मन कहा। कुछ भी करते होंगे …मुझे इससे क्या , उदास मन से वह आसमान में चमक रहे तारे गिनने लगा। एक, दो,तीन,चार, पांच, छह, सात…धत्तेरे की यह भी कोई काम है।उसने आसमान पर से आंखें हटा लीं। रात शायद आधे से ज्यादा गुजर चुकी थी। उसकी आंखें नींद से बोझल हो रही थीं धीरे-धीरे उसकी पलकें बंद हो गईं और वह गहरी नींद में खो गया। अचानक उसके कानों में रुनझुन की आवाजें आईं और उसने आंखें खोल दीं। गोल चांद की तरफ से सांता के रेंडियर्स उसकी स्लेज लेकर आ रहे थे। उन्हीं के गले में बंधी घंटियां बज रही थीं।

ओह….तो यह सिर्फ कहानी नहीं है क्योंकि अब तो सांता सचमुच आया है। सांता की स्लोज सीधे उसी के पास आकर रुक गई। हैलो स्नोमैन तुम यहां अकेले क्यों खड़े हो। और मैं जाऊं कहां…बच्चों ने मुझे इतने प्यार से बनाया और फिर अकेला छोड़कर अपने घरों में चले गए। वे तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं । कोई बात नहीं तुम मेरी स्लेज पर आ जाओ हम मिलकर बच्चों के उपहार बांटेंगे। स्नोमैन भी स्लेज पर सवार हो गया । रेंडियर्स हवा की गति से आगे बढ़ गए। अब वे दोनों हर खिड़की में झांक रहे थे और रोचक यह कि बच्चे भी जाग रहे थे । सांता ने लिस्ट निकाली और स्नोमैन को पकड़ा दी।

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