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आखिर क्या है तीसरी आंख का खुलना

Techniques To Open Your Third Eye

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रोचक ही है कि देवी-देवताओं की तीसरी आंख के बारे में तो हम जानते हैं ,पर यह शक्ति हमारे पास भी है ऐसा कभी नहीं महसूस कर पाते । यह दिव्य चक्षु का खुलना है और थोड़े ही प्रयास से इसे जागृत किया जा सकता है। कभी आप खुद नहीं जान पाते कि आपकी तीसरी आंख के खुलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ लक्षण ऐसे हैं जिनसे इसे महसूस किया जा सकता है …

  • भौंहों के बीच गहरा खिंचाव सा महसूस होता है। यही नहीं दूर कहीं शंख बजने जैसी या घंटियों के बजने की आवाज सुनाई देती है।
  • आप ध्यान के लिए बैठते हैं तब आपकी गर्दन सीधी होती है पर ध्यान खत्म होने पर आप पाते हैं कि यह पीछे की तरफ झुक गई है।
  • आंखें बंद कर ध्यान करने पर सामने कुछ खास रंग दिखाई देते हैं ये नीले ,गहरे नीले या सफेद और पीले भी हो सकते हैं। ये रात को जब आप सोने के लिए आराम में होते हैं तब भी दिख सकते हैं। जब भी ऐसा हो तो समझ लीजिए कि आपकी तीसरी आंख खुल रही है।

  • अचानक ही आपका झुकाव अध्यात्म के रहस्यों की तरफ हो जाता है।
  • इसकी सबसे खास खूबी है कि आप लोगों को किताब की तरह पढ़ लेते हैं । आपका निशाना एकदम सही लगता है । यह योग्यता है सच को पहचान लेने की ताकत। यह सही सूचना आपको आपका मस्तिष्क देता है।
  • कोई भी बात सामने आने पर आप उसकी जांच पड़ताल गहराई से कर लेते हैं।
  • प्रकृति से आपका तालमेल बहुत जल्दी बैठ जाता है।

  • ध्यान के समय कभी आपको किसी सुरंग में जाने जैसा अनुभव होता है और घंटियां सुनाई देती हैं।
  • आप मन चाहे सपने यानी कि ल्यूसिड ड्रीम देख लेते हैं। इसका रिमोट पूरी तरह आपके हाथ में होता है।
  • जल्दी ही हाइएस्ट कांशसनेस के साइकिक पॉवर से लैस हो जाते हैं । और इसके सहारे मानसिक रूप से कहीं भी जाकर वापस लौटना आपके लिए आसान होता है।
  • इसे और विकसित करने के लिए ध्यान की अनुभव शक्ति बढ़ाएं। और भी चमत्कारिक अनुभव होंगे।

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