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उन अफसरों के नाम बताएं, जिनके कार्यकाल में Kasauli में अवैध निर्माण हुए : SC 

Tell the name of those officers posted is kasauli during illegal construction

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नई दिल्ली।  kasauli Firing के मामले में सुप्रीम कोर्ट (SC) ने बुधवार को हिमाचल सरकार से उन अधिकारियों के नाम मांगे, जिनके कार्यकाल में कसौली में अवैध निर्माण हुए। SC ने सरकार से इस सवाल का भी जवाब भी पेश करने को कहा कि राज्य में आगे कहीं भी अवैध निर्माण न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए गए हैं और सरकार इस समस्या से कैसे निपटेगी।

“जब तक 4-5 लोगों की नौकरी न जाए, कुछ नहीं बदलेगा”

अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाये SC ने हिमाचल प्रदेश के अटॉर्नी जनरल से पूछा कि कोर्ट ने सरकार से पूछा कि हिमाचल में अवैध निर्माण को रोकने के लिए क्या गाइडलाइन है और इसे रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। अगर राज्य में अवैध निर्माण हुए हैं तो उनको गिराने के लिए वह क्या काम कर रही है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि कसौली में ढहाए गए कई होटलों के मलबे को उठाने के लिए क्या कदम उठाए जायेंगे। जस्टिस एमबी लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने अटॉर्नी जनरल से साफ कहा, “जब तक आप 4-5 लोगों को नौकरी से बर्खास्त नहीं करते, तब तक कुछ नहीं बदलेगा”। SC ने राज्य सरकार से अपनी स्टेटस रिपोर्ट में इन बिन्दुओं को भी शामिल कर अगस्त के पहले हफ्ते तक कोर्ट में पेश करने को कहा है। SC ने 9 मई तक सरकार से कसौली घटना के साथ साथ राज्य में अवैध निर्माण पर पॉलिसी को लेकर स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कसौली में तोड़फोड़ के दौरान होटल मालिक द्वारा महिला अफसर की हत्या के बाद स्वत: संज्ञान लिया था।

कोर्ट का रुख बेहद सख्त

इस माह की पहली तारीख को कसौली में अवैध निर्माण गिराने गयीं असिस्टेंट टाउन एंड कंट्री प्लानर शैल बाला शर्मा पर एक गेस्ट हाउस के मालिक ने गोली चलाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस मामले में मुख्या आरोपी विजय सिंह अभी जुडिशल कस्टडी में है। पिछली सुनवाई में भी SC का रुख इस मामले को लेकर बहुत सख्त था। उस समय भी कोर्ट ने कहा था कि कसौली की घटना भविष्य के लिए एक बड़ी समस्या है। 5 साल पहले मनाली में विडियोग्राफी हुई थी, लेकिन फिर भी गैर कानूनी निर्माण होते रहे। कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने कसौली में गिराए जाने वाले 13 होटलों के क्षेत्र में धारा-144 लगाने के साथ ही यहां एसपी सोलन, डीएसपी परवाणु, कसौली व धर्मपुर थाना प्रभारियों के तबादले भी किए हैं।

अवैध होटलों को कैसे जारी हुई NOC?

सोलन वासियों का कहना है कि कसौली की घटना का मुख्य आरोपी विजय जितना जिम्मेदार है, उतने ही जिम्मेदार वे अधिकारी हैं, जिनके कार्यकाल में इन होटलों के अवैध निर्माण हुए। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सवाल उठाते हुए कहा कि जिन भवनों को आज अवैध बताया जा रहा है, उन्हें विभागों द्वारा एनओसी जारी कैसे की गई ? होटल में बिजली पानी के कनेक्शन कैसे लगे? इससे जाहिर होता है कि अधिकारियों और होटल मालिकों से सांठ-गाँठ थी। उन्होंने कहा कि अगर यह अधिकारी उस समय अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते तो यह दिल दहला देने वाली घटना कसौली में न घटती।

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