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फेफड़ों के रोग दूर करता है शंख

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मंदिर में आरती के समय शंख बजते सभी ने सुना होगा परंतु शंख क्यों बजाते हैं, इसके पीछे क्या कारण है यह बहुत कम ही लोग जानते हैं। शंख बजाने के पीछे धार्मिक कारण तो है साथ ही इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है और शंख बजाने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है।

shellशंख की उत्पत्ति कैसे हुई इस संबंध में हमारे धर्म ग्रंथ कहते हैं सृष्टि आत्मा से, आत्मा आकाश से, आकाश वायु से, वायु अग्रि से, आग जल से और जल पृथ्वी से उत्पन्न हुआ है और इन सभी तत्वों से मिलकर शंख की उत्पत्ति मानी जाती है। शंख की पवित्रता और महत्व को देखते हुए हमारे यहां सुबह और शाम शंख बजाने की प्रथा शुरू की गई।

शंख बजाने का स्वास्थ्य लाभ यह है कि यदि कोई बोलने में असमर्थ है या उसे हकलेपन का दोष है तो शंख बजाने से ये दोष दूर होते हैं। शंख बजाने से कई तरह के फेफड़ों के रोग दूर होते हैं जैसे दमा, कास प्लीहा यकृत और इन्फ्लूएंजा आदि रोगों में शंख ध्वनि फायदा पहुंचाती है। शंख के जल से शालिग्राम को स्नान कराएं और फिर उस जल को यदि गर्भवती स्त्री को पिलाया जाए तो पैदा होने वाला शिशु पूरी तरह स्वस्थ होता है, साथ ही बच्चा कभी मूक या हकला नहीं होता।

shell7भाग्योदय के लिए

-घर के मुख्य द्वार पर हर त्योहार और मांगलिक कामों के अवसर पर रंगोली अवश्य बनाएं इससे भाग्योदय होता है।
-अपने घर में दीपक हर कोई जलाता है। यदि उस दिए में बाती की जगह मौली रखी जाए तो मां लक्ष्मी सर्वाधिक प्रसन्न होती है।
-प्रत्येक पूर्णिमा तिथि पर प्रातः मां लक्ष्मी का आगमन होता है। आर्थिक समस्या से ग्रस्त व्यक्ति ऐसे समय पीपल के साथ मां लक्ष्मी की उपासना करें तो आर्थिक समस्याएं दूर होती है।
-घर में धन रखने के स्थान पर लाल रेशमी कपड़े में ग्यारह छुआरे रखें। इससे भी धन लाभ होता है।
-हर शुक्रवार को श्रीसूक्त का पाठ करने से भी लक्ष्मी प्रसन्न रहती है।

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