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BJYM का सवालः Second Capital का स्वरूप क्या होगा, स्पष्ट करे Govt

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धर्मशाला।  धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा देने के हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के कैबिनेट के फैसले का स्वागत किया है। भाजयुमो प्रदेश सरकार के इस फैसले का स्वागत करता है, लेकिन सरकार के इस फैसले से धर्मशाला सहित पूरे कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चंबा के लोग असमंजस में हैं। क्योंकि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जनता को राजधानी का स्वरूप नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि चारों जिलों की जनता यह जानना चाहती है कि धर्मशाला में बनाई गई दूसरी राजधानी में सीएम और मंत्रियों के साथ-साथ अधिकारी कितना समय साल में बिताया करेंगे। किन-किन विभागों के निदेशालय धर्मशाला में शिफ्ट होंगे और कब। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा प्रदेश सचिव विशाल नैहरिया ने जारी बयान में मांग की है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार यह स्पष्ट करें कि राजधानी का स्वरूप क्या रहेगा।

  • सीएम, मंत्री व अधिकारी कितने समय रहा करेंगे धर्मशाला में
  • किन विभागों के निदेशालय धर्मशाला में शिफ्ट होंगे और कब
  • नगर निगम कर्मियों को शिमला की तर्ज पर एक साल बाद भी नहीं मिली सुविधाएं

उन्होंने कहा कि क्योंकि इससे पहले कांग्रेस सरकार बनने जनता की समस्याओं के समाधान के लिए धर्मशाला में नियमित रूप से मंत्रियों के बैठने का आह्वान तो किया गया, लेकिन यहां पर मंत्री न ही बैठे और न ही उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं। उधर, धर्मशाला नगर निगम बने एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों को शिमला नगर निगम की तर्ज पर न ही भत्ते मिल रहे हैं और न ही सुविधाएं। ऐसे में दूसरी राजधानी बनने के लिए कर्मचारियों को क्या सुविधाएं सरकार देगी यह भी स्पष्ट करे।

उन्होंने कहा कि नगर निगम धर्मशाला का बजट भी आम लोगों की सुविधाओं और भविष्य को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है। बजट में भविष्य को ध्यान में रखकर कोई भी ऐसी योजना शामिल नहीं की है, जिससे क्षेत्र की जनता को निकट भविष्य में इसका लाभ मिल सके।

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