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रसोई की ये चीजें रखेंगी आप को बीमारियों से दूर

मेटाबॉलिज्म ठीक रखने के साथ इम्यूनिटी लेवल भी बढ़ाती हैं

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हम सभी को बारिश अच्छी लगती हैं पर इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। अकसर मानसून के साथ बीमारियां भी दस्तक देती हैं और इसीलिए इसे फ्लू सीजन के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप पूर्व बचाव योजना पर अमल करें ताकि अनायास ही मिलने वाली बीमारियों से अपनी हिफाजत कर सकें। हां, इसके लिए एलोपैथिक दवाइयां लेने की आवश्यकता नहीं है। आप वह इस्तेमाल करें जो आपके लिए बेहतर है और जिसके साइड इफेक्ट भी नहीं होते। भारतीय रसोई में हमेशा से कुछ मसाले ऐसे होते हैं जो स्वाद,सुगंध और औषधीय गुणवत्ता से भरपूर होते हैं। इनसे न केवल आपका मेटाबॉलिज्म ठीक होता है बल्कि ये इम्यूनिटी लेवल भी बढ़ाते हैं। इनमें से कुछ निम्नलिखित हैं।

काली मिर्च- प्राचीन भारत की बात करें तो किसी समय इसे काला सोना के नाम से जाना जाता था। यही नहीं, इसे मुद्रा के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता था। यह सोचने की बात है कि एक मसाले को इतना महत्व कैसे मिल गया। जाहिर है इसलिए क्योंकि इसमें औषधीय गुण और पोषक तत्व अच्छी मात्रा में थे और काली मिर्च तो गुणों की खान थी। यह एक बेहतर एंटीऑक्सीडेंट है और इसमें फास्फोरस, मैंगनीज,कैरोटीन और विटामिन के प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। निःसंदेह काली मिर्च का असर आपकी इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।

हल्दी- इसमें कोई संदेह नहीं कि हल्दी आश्चर्यजनक मसालों में एक है । साधारणतया इसका प्रयोग हर घर में होता है । दवा के रूप में, सौंदर्य प्रसाधन में और भोजन में इसका खुल कर इस्तेमाल होता है। यह एंटी इंफ्लामेटरी और एंटी कासीनोजेनिक है तथा कैंसर से बचाती है। इसमें इम्यूनिटी बढ़ाने वाला तत्व सोने में सुहागे का काम करता है।

लौंग- सर्दी खांसी में लौंग आराम देती है । यह गले की खराश को ठीक करती है साथ ही इम्यूनिटी लेवल भी सही करती है। सुगंध और स्वाद वाला यह मसाला हर घर में इस्तेमाल किया जाता है। फ्लू के मौसम में बीमारी को दूर करने में यह बेहद कारगर है।

“दालचीनी- अगर आपको खाने में मीठी सुगंध पसंद है तो उसके लिए दालचीनी बेहतर है इसकी सुगंध अच्छी है और यह इम्यूनिटी लेवल बढ़ाती है। अब तो ज्यादातर डेजर्ट में भी इस्तेमाल की जाने लगी है और वजन कम करने के लिए तो यह मुफ़ीद है।”

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