HRTC कंडक्टर भर्ती: इस्तीफा दें परिवहन मंत्री

धर्मशाला। एचआरटीसी में कंडक्टर भर्तियों को प्रशासनिक  ट्रिब्यूनल द्वारा रद्द किए जाने का मजूदर संघ ने स्वागत किया है। संघ का कहना है कि बीते चार वर्षों में एचआरटीसी में चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर का कहना है कि यह मामला सामने आने के बाद परिवहन मंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। और प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि कंडक्टरों के इंटरव्यू दूसरी बार क्यों रद्द हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 35 हजार युवाओं,  जिन्होंने कंडक्टर पद के लिए इंटरव्यू दिए थे और जिनके लिए परिवहन मंत्री ने बेरोजगार यात्रा भी शुरू की थी।

  • protest (2)मजदूर संघ का आरोप, प्रबंधन कर रहा नियमों की अवहेलना
  • प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के फैसले का किया स्वागत

इसके अलावा चुनावों के समय युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने के सब्जबाग भी दिखाए थे। इस बारे में भी परिवहन मंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री और एचआरटीसी प्रबंधन द्वारा रोड टसपोर्ट कॉरपोरेशन अधिनियम  1950 की धारा 45 की जानबूझकर अवहेलना की जा रही है। इस के लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि वास्तव में एचआरटीसी प्रबंधन के दो अधिकारियों को बिना नियमों की तैनाती दी गई है, जबकि इन पदों पर आईएएस अधिकारी लगाए जाने चाहिए। संघ द्वारा बार-बार इन अधिकारियों को हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि कंडक्टर भर्ती कमेटी के अध्यक्ष को भी इंटरव्यू से दस दिन पहने ही पदोन्नति दी गई थी और दो माह पहले ही उसे बिना सरकार की अनुमति लिए ही रिटायरमेंट से एक दिन पहले सेवा विस्तार दिया गया है। इसलिए ऐसी परिस्थिति में एचआरटीसी में कायदे-कानून से काई काम कैसे हो सकता है। प्रशासनिक  ट्रिब्यूनल से मिले आदेशों के बाद इस बात की पुष्टि हो गई है कि आज प्रदेश में न्यायपालिका ही वह सब काम कर रही है, जो सरकारों को स्वयं करने चाहिए।

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