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अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान- दलाई लामा से बिना शर्त बातचीत शुरू करे चीन

US foreign minister advised to china for dialogue with dalai lama

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नई दिल्ली/मैक्लोडगंज। उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन से सकारात्मक मुलाकात के बाद अब अमेरिका चीन के साथ तिब्बत मसले को भी शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहता है। इसी कोशिश में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीन को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से सीधे बातचीत करने की सलाह दी है।

तिब्बत में मानवाधिकारों का मसला भी उठेगा

पोम्पियो गुरुवार को चीन रवाना हो रहे हैं। उन्होंने सांसदों से कहा कि अब वक्त आ गया है जब अमेरिका को सार्वजनिक रूप से यह कहना चाहिए कि चीन बिना शर्त दलाई लामा से सीधी बातचीत करे। अमेरिका की विदेशी मामलों की सीनेट कमेटी के सदस्यों के सवालों के जवाब में पोम्पियो ने कहा कि वह चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत में तिब्बती समुदाय के मानवाधिकारों के लिए दबाव बनाने को वचनबद्व हैं। उन्होंने तो यह भी कहा कि वह अपने बीजिंग दौरे के दौरान तिब्बत में राजनीतिक कैदियों की रिहाई की भी पैरवी करने से पीछे नहीं हटेंगे।

तिब्बत में बाहरी देशों की पहुंच बढ़े

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा है कि वह तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में बाहरी देशों के पत्रकारों, विद्वानों व राजनयिकों की नियमित पहुंच नहीं होने की बात को भी प्रमुखता से उठाएंगे। उनका कहना है कि अमेरिका को यह कहना चाहिए कि चीन को मतभेदों को दूर करने के लिए निर्वासित धर्मगुरू दलाई लामा से सीधी बातचीत करनी चाहिए। दलाई लामा वर्ष 1959 से निर्वासन में रह रहे हैं। तभी से चीन दलाई लामा के मामले में भारत पर कई तरह के दबाव बनाता रहा है। दलाई लामा हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज में रहते हैं। यहीं से निर्वासित तिब्बती सरकार का भी संचालन होता है।

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