वास्तु : पूर्व दिशा में हो दुकान का मुख

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हम में कई लोग सरकारी नौकरी करते हैं तो कई अपना व्यवसाय या दुकान आदि खोलते हैं। किसी भी व्यवसाय को जमने में थोड़ा-बहुत समय तो लगता ही है, लेकिन कई बार वास्तु दोष की वजह से व्यवसाय या दुकान मुनाफे का सौदा घाटे में बदलने लगता है। इसके लिए अगर कुछ उपाय किए जाएं तो बेहतर रहता है। हम आपको कुछ उपाय बताते हैं जिनसे आपको फायदा होगा…

  • दुकान बनाते या खरीदते समय यह ध्यान रखें कि दुकान का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ ही हो।
  • ब्यूटी पार्लर का मुख्य द्वार उत्तर, ईशान कोण या पूर्व में होना अच्छा होता है। यद्यपि की दक्षिण या पश्चिम में भी बनाया जा सकता है।
  • रिसेप्शन काउंटर इस प्रकार बनाएं कि रिसेप्शनिस्ट का मुख हमेशा ईशान, पूर्व या उत्तर में हो।
  • दर्पण को उत्तर, पूर्व या उत्तर और पूर्व दोनों में लगाना चाहिए।
  • मुख्य प्रवेश द्वार पर अंदर की ओर गणपति की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए।
  • वाश बेशिन उत्तर, इशानकोण या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए ।
  • कैश काउन्टर इस प्रकार रखें कि खोलने पर उसका मुख उत्तर तथा पूर्व दिशा में खुले।
  • कैश काउन्टर के आस पास मछली घर रखने से धन की वृद्धि होती है।
  • मुख्य ब्यूटीशियन को इस प्रकार बैठना चाहिए कि उसका मुंह उत्तर या पूर्व की ओर रहे। नैऋत्य(पश्चिम-दक्षिण) में नहीं बैठना चाहिए।
  • आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण) में बिजली के स्विच व उपकरण होना चाहिए। स्टीम बाथ तथा पैंट्री को आग्नेय कोण में बनाएं।
  • ब्यूटी पार्लर के आग्नेय कोण में हमेशा एक केंडल या लाल बल्ब जलाकर रखना चाहिए इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है तथा कारीगरों में कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।
  • थ्रेडिंग, वैक्सिंग, पेडीक्योर, मैनी क्योर, हेयर कटिंग, मेहंदी, कलरिंग, ट्रिमिंग आदि कार्य आग्नेय कोण (पूर्व-दक्षिण) में करें।
    सभी सौंदर्य प्रसाधन को पश्चिम दिशा में रखें। वॉशरूम दक्षिण या पश्चिम दिशा में ही बनाएं।
  • मालिक नैऋत्य कोण में इस प्रकार बैठे कि बैठने पर उसका मुख उत्तर या पूर्व की ओर हो।
  • पार्लर का नाम किसी स्त्रीलिंग शब्द से रखना चाहिए। तौलिया सफेद अथवा हल्का गुलाबी रंग का ही रखें। कूड़े-कचरे को नैऋत्य दक्षिण-पश्चिम कोण में रखें।

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