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…तो उपमंडल स्तर के अस्पतालों में भी मिलेगी डायलिसिस सुविधा

परमार बोले, डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाने के किए जाएंगे प्रयास 

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धर्मशाला। अगर सरकार के प्रयास रंग लाते हैं तो उपमंडल स्तर के अस्पतालों में भी मरीजों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी। जी हां यह हम नहीं कर कह रहे बल्कि यह कहना है प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार का। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में उपमंडल स्तर के अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिलास्तर के अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। लोगों की सुविधा के लिए उपमंडलीय अस्पतालों में भी यह सुविधा प्रदान करने की दिशा में नियोजित प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गरीब आदमी की पीड़ा दूर करना एवं उनका कल्याण सरकार के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन इस बात का विशेष ख्याल रखें कि गरीब, वंचित लोग अस्पताल आकर उपेक्षित अनुभव न करें और उन्हें उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो। परमार आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कांगड़ा के जिलाभर के अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।

उन्होंने सामुदायिक एवं उपमंडलस्तर के अस्पतालों के चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे रोगियों को सामान्य बीमारी की स्थिति में बड़े अस्पतालों को रैफर करने से परहेज करें और अपने यहां सही तरीके से उनका इलाज करें। सामान्य बीमारियों एवं प्रसव के सामान्य मामलों को टांडा और शिमला रैफर करने से इन अस्पतालों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिससे गंभीर बीमीरियों के रोगियों को दिक्कत होती है।
उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी देश के लिए आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ करेंगे। प्रदेश में भी इसी दिन सीएम शिमला से इस योजना का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश के 16 लाख परिवारों को प्रति परिवार 5-5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में चल रही स्वास्थ्य क्षेत्र की तीन योजनाओं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री देखभाल योजना और यूनीवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम का स्तरोन्नयन कर इसके तहत मिलने वाली लाभ राशि को बढ़ा कर 5 लाख रुपए करने का कार्य किया जा रहा है।

कुछ क्षेत्रों में घटते लिंगानुपात पर जताई चिंता

स्वास्थ्य मंत्री ने कुछ क्षेत्रों में घटते लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत जिला में लैंगिक असंतुलन को दूर करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों को लेकर भी जागरुकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी के बीच भेदभाव की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इसके लिए उन्होंने सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग का आग्रह किया। परमार ने कहा कि टीबी रोग की जांच के लिए अब अस्पतालों में सीबी-नॉट टेस्ट मशीनों की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इससे बिना समय गंवाए रोग का पता चल सकेगा, जिससे जल्द उपचार आरंभ करना आसान होगा।

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