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मुद्दा पानी काः CPI (M) और BJP में तनी तलवारें

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Water Problem Shimla : शिमला।  नगर निगम चुनाव का शैड्यूल भले ही अभी जारी न हुआ हो, लेकिन बीजेपी और माकपा के बीच पानी के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक सुरेश भारद्वाज द्वारा शहर की जनता को पीने का पानी उपलब्ध न करवा पाने पर माकपा पर हमला बोला था। भारद्वाज ने माकपा तो नगर निगम के लिए कलंक बताया था। माकपा इसे लेकर भारद्वाज और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।

माकपा नेता ने बीजेपी विधायक भारद्वाज को घेरा

माकपा नेता सत्यवान पुंडीर ने आज यहां कहा कि अश्वनी खड्ड पेयजल योजना से शहर के लोगों को बीजेपी शासनकाल में भी पानी की सप्लाई हो रही थी। उन्होंने सुरेश भारद्वाज से पूछा कि क्या उस वक्त वे शहर की जनता को अश्वनी खड्ड से मिनरल वाटर पिला रहे थे। उन्होंने कहा कि वह माकपा ही थी जिसने अश्वनी खड्ड से पानी की सप्लाई देने पर रोक लगाई और दोषी ठेकेदार और अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

बीजेपी के समय हुआ था घोटाला

पुंडीर ने आरोप लगाया कि बीजेपी के समय में गिरी परियोजना में करोड़ों रूपए का घोटाला हुआ और 4 साल में ही पूरी पाइप लाइन फव्वारे में तब्दील हो गई। उन्होंने कहा कि हर दिन लगभग छह लाख रुपये के पानी की लीकेज हो रही थी। तब भी विधायक को जनता पर पेयजल संकट की चिंता नहीं हुई। उन्होंने कहा कि माकपा के पास आईपीएच आने के बाद जब घोटला उजागर होने लगा तो बीजेपी नेताओं की घिग्घी बंध गई और बाल्टियां लेकर प्रदर्शन करने का ड्रामा एकदम बंद हो गया। माकपा नेता ने कहा कि घोटाले उजागर होते ही घोटाले में शामिल बीजेपी के कुछ नेता भी जेल की हवा खाएंगे, जिन्होंने भ्रष्टाचार में ठेकेदरों और अफसरों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि हर जगह फट्टे लगाने वाली बीजेपी ने गिरी परियोजना का उद्घाटन तक नहीं करवाया,  उन्होंने पूछा कि क्या विधायक इसका जवाब शहर की जनता को देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है विधायक की याद्दाश्त कमज़ोर हो गई है। उन्हें शायद याद नहीं रहा कि पीलिया के मामले उनकी सरकार के कार्यकाल से लेकर आते रहे हैं। जब से माकपा ने अश्वनी खड्ड से पानी की सप्लाई बन्द की है, एक भी पीलिया का मामला सामने नहीं आया है।

अचानक कैसे आई पानी की याद

पुंडीर ने भारद्वाज से पूछा कि 10 साल शिमला का विधायक रहते हुए उन्हें इस बात की चिंता क्यों नहीं हुई कि शहर की जनता कैसा पानी पी रही है और नगर निगम चुनाव आते ही अचानक उनका विवेक कैसे जाग गया। उन्होंने कहा कि विधायक ढोंग बंद करके जनता को जवाब दे कि 10 साल की विधायक निधि उन्होंने शहर में कहां-कहां लगाई। उन्होंने दावा किया कि माकपा इस बार नगर निगम में पूर्ण बहुमत के साथ आएगी और बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकाल में हुए सारे घोटालों और काले कारनामों का जनता के बीच खुलासा करेगी।

Shimla ग्रामीण की कौन सुने…. पानी के लिए मची हाहाकार

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