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माथे की रेखाओं से जानिए कितने दिन जिएंगे आप

with the help of forehead lines Know how many days you will live

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समुद्रशास्त्र एक ऐसा शास्त्र है जिसमें व्यक्ति के अंगों के आधार पर उसके भविष्य, आदतों और अन्य कई बातों के बारे में पता लगाया जा सकता है। इसके आधार पर विभिन्‍न अंगों की संरचना को देख आप व्‍यक्ति के बारे में बता सकते हैं। किसी पुरुष के मस्‍तक को देखकर उसके बारे में कैसे आंकलन किया जा सकता है। समुद्रशास्त्र में मस्तक की रेखाओं को लेकर भी वर्णन मिलता है कि कैसे एक व्यक्ति अपने मस्तक की रेखाओं से अपनी उम्र के बारे में जान सकता है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति के माथे की स्थिति, आकार-प्रकार, रंग तथा चिकनाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। कोई व्यक्ति शीशे में अपना मस्तक देखकर भी ये पता लगा सकता है कि उसकी उम्र कितनी होगी। आइए जानते हैं इसके बारे में …

सामुद्रिक शास्त्र में मस्तक के 3 प्रकार बताए गए हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • उन्नत मस्तकः ऐसा मस्तक सामान्य से थोड़ा उठा हुआ और चिकना होता है। इस पर रेखाएं स्पष्ट नजर आती हैं।
  • सामान्य मस्तकः ऐसा मस्तक चेहरे के अनुरूप होता है। इस पर रेखाएं आसानी से नजर आ जाती हैं।
  • निम्न मस्तकः ये सामान्य से थोड़ा अंदर की ओर धंसा रहता है। हल्का का काला होने के कारण इस पर रेखाएं साफ नजर नहीं आतीं।

  • जिस व्यक्ति के मस्तक पर 2 पूर्ण रेखाएं होती हैं उसकी उम्र लगभग 60 वर्ष हो सकती है। यह रेखा बहुत स्पष्ट हो तो ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में बहुत धन व नाम कमाता है।
  • जिसके मस्तिष्क पर मात्र एक रेखा हो, श्रीवत्स या स्वस्तिक चिन्ह हो, उसे सब प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं।
  • किसी मनुष्य के मस्तक पर 5 उत्तम रेखाएं हों तो ऐसे व्यक्ति की उम्र 100 वर्ष तक हो सकती है।
  • किसी मनुष्य के मस्तक पर यदि कोई रेखा न हो तो ऐसे व्यक्ति को 25 से 40 वर्ष की आयु में बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
  • जिस स्त्री या पुरुष के मस्तिष्क पर त्रिकोणयुक्त रेखाएं हों, वह राजकीय संपत्ति प्राप्त करती या करता है।
  • किसी मनुष्य के ललाट में स्वच्छ, सरल, गम्भीर, पूर्ण तथा स्पष्ट रेखा होने से, वह व्यक्ति सुखी एंव दीर्घायु होता है। छिन्न-भिन्न रेखा से दुःखी और अल्पायु माना जाता है। ललाट में उद्धव रेखा, – त्रिशूल व स्वास्तिक आदि के बने होने से, धन पुत्र एवं स्त्री युक्त होकर मनुष्य सुखमय जीवन व्यतीत करता हैं।

  • जिसके मस्तक पर रेखा नहीं होती है, वह पुरूष धनी व दीर्घजीवी होता है। जिनके ललाट गहरे हों, वह पुरुष अपराध करने में चूकता नहीं, वो हत्या तक कर सकता है। करने वाले एंव बन्दी गृह के भोगी होते हैं। मस्तक में एक रेखा का पूर्णमान लगभग 20 वर्ष माना जाता है। इसी अनुपात से अनुभव द्वारा मनुष्य की आयु का भी निर्णय किया जाता है।
  • मस्तक पर 3 शुभ रेखाएं हो तो ऐसा व्यक्ति करीब 75 वर्ष की आयु प्राप्त करता है।
  • जिसके मस्तिष्क पर मात्र एक रेखा हो, श्रीवत्स या स्वस्तिक चिन्ह हो, उसे सब प्रकार
  • जिस व्यक्ति का मस्तक उपर से उठा हुआ हो तथ नीचे से झुका हो, वह मनुष्य अधिक स्त्रियों से विवाह करने वाला होता है। ऐसे पुरूष अधिक शिक्षा प्राप्त करके उच्च मुकाम हासिल कर लेते है। इनका स्वास्थ्य बहुत अच्छा नहीं होता है।
  • जिस पुरुष का मस्तक चौड़ा हो, वह व्यक्ति अधिक पुत्रों वाला होता है, परन्तु काम-धन्धे को लेकर परेशान रहता है। इनकी सन्तान भाग्यशाली एंव कर्मठ मानी जाती है।
  • जिस पुरुष का मस्तक छोटा हो, वह अधिक पुत्रियों वाला होता है। ऐसे व्यक्ति कठोर परिश्रम करके ही अपने जीवन का निर्वाहन कर पाते हैं।

  • पुरूष के मस्तक पर जितनी रेखाएं बनी हो, उसके उतने ही भाई-बहन होने की सम्भावना होती है। मोटी रेखायें भाई की एंव पतली रेखायें बहन की मानी जाती है।
  • किसी मनुष्य के मस्तक रेखा कटी हुई हो तो ऐसे लोग अपने जीवन में बहुत दुःख देखते हैं।
  • जिसके ललाट पर दक्षिणावर्त हो, वह अशुभ होता है। ऐसी स्त्री या पुरुष के साथ विवाह नहीं करना चाहिए।
  • जिसके ललाट पर त्रिशुल चिन्ह हो, उसे धन एवं संतान प्राप्त होती है।
  • जिस व्यक्ति का मस्तक नीचे से ऊपर की ओर उठा हुआ हो, वह मनुष्य धैर्यशील, धनवान व बुद्धिमान होता है। ये प्रेम के मामलें में काफी अग्रणी होते है। इनका वैवाहिक जीवन सरल एंव सुखमय व्यतीत होता है।
  • जिस व्यक्ति के मस्तक पर छोटा सा चांद बना हुआ हो, उस मनुष्य पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है। ऐसे पुरुष उच्च स्तर के संन्यासी, उपदेशक एंव योगी होते है।

पंडित दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)

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