विश्व मधुमेह दिवसः गलत खानपान एवं आलसी जीवन शैली का नतीजा

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हालात ऐसे बने हैं कि भारत को मधुमेह की राजधानी कहा जाने लगा है क्योंकि भारत में इसका सबसे विकृत स्वरूप उभरा है। करोड़ों लोग मधुमेह के शिकार हैं अनुमानतः 2030 तक यहां मधुमेह के रोगियों की संख्या आठ करोड़ हो जाएगी। प्रत्येक वर्ष विश्व मधुमेह दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है मधुमेह के रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रति वर्ष यह दिवस आयोजित करने का निश्चय किया। इस दिन 140 देशों में मधुमेह दिवस मनाया जाता है। इसे 2006 के स्वास्थ्य कार्य क्रमों में शामिल किया गया।और 2007 से इसे संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम के रूप में जाना जाने लगा। इसका प्रतीक नीला छल्ला चुना गया है जो निरंतरता का प्रतीक है।वृत्त इस बात का भी प्रतीक है कि विश्व में सभी लोग इस पर काबू पाने के लिए एक जुट हों।नीला रंग आकाश,सहयोग और व्यापकता का प्रतीक है। बच्चों में मुख्यतः टाइप -1 मधुमेह होता है।जिसकी चिकित्सा के लिए जीवनपर्यंत इंसुलिन लेना होता है। कई बार पीड़ित बच्चे का लक्षण पहचान न पाने की स्थिति में उनकी मौत डायबिटिक कोमा में हो जाती है। बीमारी का निदान हो भी जाए तो आर्थिक कारणों से समुचित चिकित्सानहीं हो पाती। बदलती जीवन शैली और ठोस उच्च ऊर्जा युक्त भोजन के कारण बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है। एक सर्वे के अनुसार 3 से 18 वर्ष के बच्चों में 18 प्रतिशत मोटापा पाया गया। चूंकि बच्चे अब शारीरिक श्रम कम ही करते हैं इसलिए टाइप-2 के भी मधुमेही बच्चे काफी संख्या में दिखने लगे हैं। मधुमेह के कारण किडनी की खराबी, हार्ट अटैक, पैरों की गैंग्रीन और आंखों का अंधापन मुख्य समस्या बन चुकी है।गलत खानपान एवं आलसी जीवन शैली के कारण दिन प्रतिदिन कम उम्र के लोगों में भी यह बीमारी हो रही है। डेढ़ दशक पहले मधुमेह होने की उम्र 40 साल थी, जो अब घटकर 25 से 30 साल की हो चुकी है। नतीजतन चालीस की उम्र आते-आते इस बीमारी के दुष्परिणामों को झेलना पड़ता है और इसीलिए मधुमेह से बचाव हमारी प्रमुख समस्या बन चुकी है। जरूरी है कि लोग समय समय पर रक्त की जांच कराते रहें। नियमित शुगर लेवल की भी जांच कराएं। इस बात का ध्यान रखें कि कोई घाव हो जाए तो उसे खुला न छोड़ें। फलों के रस की जगह फल खाना ठीक रहेगा।वजन कंट्रोल करने के लिए व्यायाम करें । हर मीठी चीज, तले हुए आहार,अल्कोहल,सूखे मेवे,केला ,शरीफा अंजीर चीकू खजूर खाने से परहेज करें। सलाद कच्ची सब्जियां ,सूप नींबू पानी ले सकते हैं।

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