- Advertisement -

जानिए कौन सा है दुनिया का सबसे पुराना रंग

आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने सहारा रेगिस्तान में खोजा गुलाबी रंग 

0

- Advertisement -

रंग हमेशा से हमारे मन को आकर्षित करते हैं चाहे वे इंद्रधनुष के रंग हों, फूलों के रंग हों अथवा कपड़ों के। आप यह भी कह सकते हैं कि पूरी प्रकृति ही रंगीन है और हर रंग इसे नजर आता है, पर क्या आपने कभी सोचा कि पहला रंग कौन सा रहा होगा? फिलहाल अब वैज्ञानिकों ने सबसे प्राचीन रंग का पता लगा लिया है। आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने इसे सहारा रेगिस्तान में खोजा और यह सब अचानक ही हुआ था। दरअसल पश्चिम अफ्रीका में एक ऑयल कंपनी ड्रिलिंग कर रही थी और वहां से निकली चट्टानों को जांच के लिए भेजा गया।
वैज्ञानिकों ने पाया कि ये क्लोरोफिल के मॉलेक्यूलर जीवाश्म थे और इनसे यह पता लगाना आसान हो सकता था कि प्राणियों का वजूद धरती पर किस प्रकार संभव हो पाया। पाया गया जैविक गुलाबी रंग था जिसका उत्पादन प्राचीन प्रकाश संश्लेषक जीवों ने किया था। इन्हें साइनोबैक्टीरिया कहा जाता है और ये 1.1 बिलियन साल पुराने हैं । रोचक यह है कि यह गुलाबी रंग अब तक के खोजे गए रंगों से भी 500 मिलियन साल पुराना है। इससे साबित होता है कि ये टायरनोसोरस रेक्स और डायनासोरों की प्रजाति से भी पंद्रह गुना प्राचीन हैं। धरती खुद 4.5 बिलियन साल पुरानी है और बेहद नाजुक पौधों तथा प्राणियों की प्रजाति 600 मिलियन साल पहले ही अस्तित्व में आई।
पहले कहा गया था कि लो ऑक्सीजन का स्तर वातावरण में होने से  बाकी के प्राणियों की उत्पत्ति हुई, पर साइनोबैक्टीरिया की यह खोज बताती है कि ये एक अरब साल पहले ही समुद्री शैवाल की तरह खाद्य शृंखला के मुख्य आधार थे। शैवाल भले ही माइक्रोस्पिक है पर यह साइनो बैक्टीरिया से हजार गुना बड़ा है तथा मजबूत खाद्य स्रोत है। लगभग 650 मिलियन साल पहले साइनो बैक्टीरिया वाले महासागर धीरे-धीरे समाप्त होने लगे और तब शैवाल बहुत तीव्रता से फैलकर पर्यावरण में ऊर्जा का साधन बन गया। जिसके कारण मानव तथा अन्य प्राणियों की प्रजातियां अस्तित्व में आईं। रोचक यह है कि यह रंग सबसे पहले आंखों को नीला हरा दिखता है पर वास्तव में यह गुलाबी है।

- Advertisement -

%d bloggers like this: