Problems को हल करेगा स्वप्न वाराही मंत्र

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स्वप्न सिर्फ मन को आश्चर्यचकित और आकर्षित नहीं करते बल्कि ये आपकी कठिनतम समस्याओं के समाधान का अवसर भी देते हैं। कुछ खास मंत्रों को सिद्ध करके इनसे अपने प्रश्नों का उत्तर भी हासिल किया जा सकता है। कठिन समस्याओं के समाधान के लिए यह उपाय सबसे कारगर है। स्वप्न सिद्धि के अनेक मंत्रों में स्वप्न वाराही मंत्र श्रेष्ठ माना गया है। हालांकि इसकी भी जप संख्या लंबी है पर एक बार सिद्ध कर लेने के बाद समस्याओं के हल पाने में आसानी होती है।

dreamस्वप्न वाराही मंत्र-

ऊँनमोभगवती कुमार वाराही गुग्गल गंधप्रिये सत्यवादिनी
लोका वसा प्रचार रहस्य वाक्यानि मम स्वप्ने वद वद
सत्यं ब्रूहि सत्यं ब्रूहि आगच्छ ह्रीं वौषट नम:

इस मंत्र को दस हजार की संख्या में जप करने से कार्य की सिद्धि होती है।

विधि- शुक्रवार के दिन पवित्र हो कर अद्र्ध रात्रि में सुंदर कलश की स्थापना करके उस पर पान रखें। पान के ऊपर हल्दी की देवी प्रतिमा बना कर स्थापना करें। इस पर वाराहम्ये नम: कह कर भक्ति से देवी का आवाहन कर प्राण प्रतिष्ठा करें। अब पूजा कर मंत्र जप आरंभ करें। जहां तक हो सके एकासन में जप करें और फिर देवी के चरणों में माथा टेक कर वहीं सो जाएं। देवी स्वप्न में आ कर शुभ-अशुभ के बारे में बता जाती है। कभी-कभी देवी का साक्षात्कार भी हो जाता है।

dream-9दुर्गा मंत्र से स्वप्न सिद्धि :

ऊँ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते

इस मंत्र को सिद्ध करने के बाद दैविक आवाज के रूप में आपको समाधान मिलेगा।

विधि- पवित्र और शुद्ध स्थान का चुनाव करें। वहां सवा गज जमीन को गाय के गोबर से लीप कर आसन बिछा लें। उस आसन पर लाल कपड़ा बिछा लें अपने सामने आम की चौकी पर लाल रेशमी व बिछा कर मां दुर्गा की मूर्ति अथवा चित्र की स्थापना करें। आधा लीटर गाय का दूध, दो पेड़े, ढाईसौ ग्राम अखंडित चावल एक मिट्टी के सकोरे में सफेद कपड़े से ढक कर रख दें। अब अद्र्ध रात्रि में दीप जला कर देवी को लाल पुष्प ,धूप औरभोग अर्पित करें। इसके बाद अक्षत, पुष्प, लौंग, सुपारी और रुपया लेकर अपनी कामना का संकल्प कर उसे कलश में डाल दें। फिर उपरोक्त मंत्र की 21 माला का जप करें। यह अनुष्ठान अगर नवरात्रि के नौ दिनों में करते हैं तो शीघ्र सफलता मिलती है। तब चाहे स्वप्न अथवा किसी आवाज से आपको प्रत्यक्ष अनुभव हो जाएगा। पूजन के बाद अगले दिन उस सकोरे को नदी के बहते पानी अथवा जलाशय में डाल दें। सपेद कपड़ा धो कर सुखा लें और फिर से उसी प्रकार नए सकोरे में सब सामग्री रख कर जप करें। नवरात्रि की समाप्ति पर यह सामग्री जल में विसर्जित कर दें। इसके बाद जब भी किसी समस्या का समाधान मांगना हो इसी तरह व्यवस्था कर एक माला का जप कर के समाधान पाया जा सकता है।

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