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ईश्वर का जाना बढ़ाएगा सियासी पारा

ईश्वर का जाना बढ़ाएगा सियासी पारा

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शिमला। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं विधायक ईश्वर दास धीमान का आज निधन हो गया। वे हमीरपुर जिले की भोरंज विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक चुने गए थे। वे पहली बार 1990 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे और तब से लेकर अब तक लगातार इस सीट से विधायक चुने जाते रहे। धीमान के निधन के बाद भोंरज (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट खाली हो गई है।  नियमानुसार विधानसभा सीट के खाली होने के 6 माह के भीतर उपचुनाव करवाया जाना अनिवार्य है।

  • election-1भोरंज में विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी, फरवरी में हो सकता है मतदान
  • प्रदेश विधानसभा के सचिव सुंदर सिंह वर्मा ने आईडी धीमान के निधन के बाद इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना की जानकारी मुख्य चुनाव अधिकारी और सचिव राज्यपाल सहित अन्य को भी प्रेषित की गई है

भोरंज विधानसभा सीट के खाली होने के बाद निर्वाचन आयोग अब छह माह के भीतर चुनाव करवाएगा। अभी मौजूदा विधानसभा का कार्याकाल एक वर्ष है। ऐसे में इस सीट पर उपचुनाव होना कानूनन अनिवार्य है। विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदाता सूचियों को नए सिरे से संशोधित किया जाएगा। इससे पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार के प्रयोग का अवसर मिलेगा। ईश्वरदास धीमान पहली बार 1990 में विधानसभा के लिए चुने गए थे। वे 1995 से 1998 और फिर 2003 से 2007 तक प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहे थे।
electionsआईडी धीमान के निधन के बाद राज्य की सियासत फिर गरमाएगी। भोरंज सीट पर कांग्रेस को लंबे अरसे से जीत की दरकार है। हमीरपुर जिले की भोरंज विधानसभा सीट पर कांग्रेस को काबिज होने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। क्योंकि इस हलके में कांग्रेस दो गुटों में बंटी है। अब जबकि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी इसी जिले से हैं तो उन पर सबको एकसाथ चुनाव में उतारना बड़ी चुनौती होगी। वहीं, पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल का यह गृह जिला है। धूमल इस वक्त नेता प्रतिपक्ष हैं और इस सीट से कौन उम्मीदवार होगा, इसका फैसला ज्यादा धूमल पर ही निर्भर करेगा।

वैसे संभावना यह है कि इस सीट से आईडी धीमान के बेटे या फिर परिवार के किसी अन्य सदस्य को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा।
ऐसे में विधानसभा के अगले चुनाव से पहले होने वाले इस उपचुनाव पर सबकी नजरें टिकी होंगी। कुछ माह बाद उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा में विधानसभा चुनाव भी होने हैं

ये चुनाव फरवरी में हो सकते हैं। ऐसे में यह संभावना भी अधिक है कि इस सीट का उपचुनाव भी इन राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ करवाया जाए। यदि ऐसा होता है तो इस बार की सर्दियों में राज्य में राजनीतिक गर्मी बढ़ेगी।

छह माह में करवाएंगे उपचुनाव

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने कहा है कि खाली हुई भोरंज विधानसभा सीट के उपचुनाव को 6 माह के भीतर करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग हिमाचल में खाली हुई इस विधानसभा सीट के उपचुनाव को अन्य राज्यों के चुनावों के साथ भी करवा सकता है। उपचुनाव के लिए समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। 

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