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कहां है एकजुटता का सूत्र, कांग्रेसी आपस में उलझ कर पहुंच रहे थाने

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प्रदेश में विधानसभा चुनाव बिलकुल दहलीज पर हैं। अब बेचैनी होना, नींदें हराम होना तो आम बात है। इस बार प्रदेश में दो नहीं तीन पार्टियों में जंग होगा। हर कोई खुद को पुरोधा बताने की कोशिश में लगा हुआ। कांग्रेस-बीजेपी दोनों ही दल आतुर हैं। मगर उससे भी ज्यादा आतुर दलों के कार्यकर्ता हैं। टिकट मिलने की धुक-धुकी इतनी है कि अपनी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में उलझते हुए नजर आ रहे हैं। यूं तो दल लोगों को दिखाने के लिए यह कहते रहें कि आपस में उनका अटूट बंधन है। हर कदम पर एकजुटता है। मगर जनाब एकजुटता कितनी है वह छन-छन कर आ रही खबरें बता रही हैं। अब प्रदेश कांग्रेस पार्टी को ही ले लें। एक जुटता के शगूफे इतने छोड़े जा रहे हैं कि ऐसे लगता जैसे मानों इनका दामन-चोली का साथ हो। मगर हकीकत क्या है किसी से छिपी नहीं है। हमीरपुर में पहले कांग्रेस कार्यकर्ता की नियुक्ति बिना जिला कांग्रेस अध्यक्ष को बताए बिना ही कर दीं अब एक खबर आ रही है कि टिकट के चक्कर में कांग्रेसी कार्यकर्ता एक-दूसरे को जान से मारने की धमकियां तक दे रहे हैं। इतना ही नहीं मामला थाने तक भी पहुंच चुका है। यह कौन सी एकजुटता का नमूना है। खबर आई है कि रामपुर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पूर्व बीडीसी मेंबर ने एक अन्य कांग्रेसी नेता पर ही उन्हें जान से मारने की धमकी दे डालने के आरोप लगा डाले हैं। इसके लिए उन्होंने बाकायदा लिखित शिकायत डीजीपी को दी है। उन्होंने दुखड़ा सुनाते हुए कहा है कि फोन पर गाली-गलौज किया गया और बाद में जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। इतना ही नहीं समयसारिणी भी दी है कि उनसे कितने मिनट तक गाली-गलौज किया गया। दुखिया ने आरोप लगाया कि इन महाशय ने बड़े कड़क लहजे मेें कहा है कि उसने पहले भी ऐसे ही काम कर रखे हैं और तुझे मारना बहुत आसान है। मेरा तो पुलिस भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती। ये लोग विधायक की शह पर ही धमकी दे रहे हैं, क्योंकि इनको विधायक का संरक्षण प्राप्त है। दुखियारे ने विधायक को भी लपेटे में ले लिया है। उसने बताया कि विधायक भी कह रहा है तुम इनका इलाज करो मैं तुम्हारे साथ हूं। मुझे इंसाफ दो वरना साथियों सहित सड़कों पर उतरूंगा। अब आप ही हिसाब लगा लीजिए की एकता का सूत्र आखिर कितना परिपक्व है। कांग्रेस को ऐसी कलहों को खुद ही सुलझाना चाहिए। ऐसी छिटपुट कलहें कांग्रेस की छवि को दागदार करेंगी। लोग आइडिया लगा लेंगे कि इनकी तो आपस में ही नहीं बनती लोगों के मसले क्या सुलझाएंगे।

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