Covid-19 Update

2,18,202
मामले (हिमाचल)
2,12,736
मरीज ठीक हुए
3,650
मौत
33,650,778
मामले (भारत)
232,110,407
मामले (दुनिया)

दुखों का पहाड़ क्या होता है देखें इस “महिला” की व्यथा

दुखों का पहाड़ क्या होता है देखें इस “महिला” की व्यथा

- Advertisement -

ऊना। परिवार की जिम्मेदारी उठाने वाला मुखिया 2 साल से कोमा में है, ब्रेन के काम न करने के चलते वह जड़ अवस्था में ऐसे ही बिस्तर पर लेटा हुआ है। जबकि परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे किस तरह जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं, यह वही जानते हैं। जो हम आपको बताने जा रहे है यह कोई कहानी नहीं बल्कि हकीकत के है हरोली उपमंडल के लूठड़े गांव निवासी संजीव कुमार के परिवार की। करीब 2 साल पूर्व डिप्रेशन की बीमारी के बाद संजीव कुमार का ब्रेन काम करना बंद कर गया। वही परिवार को संजीव के भाइयों ने यथासंभव सहायता भी प्रदान की। जिनमें परिवार के पालन-पोषण के साथ-साथ खुद संजीव कुमार की दवा का भी खर्चा उठाया गया। अब जबकि सबके हाथ खड़े हो गए हैं तो ऐसे में संजीव की पत्नी मोनिका जमीन बेचकर पति का इलाज करवाना चाहती है। वहीँ जब परिवार ने सरकार से सहायता मांगी तो लाखों के बिलों के बदले अभी तक केवल मात्र 15 हजार की मदद ही हो पाई है जबकि इस माह से संजीव को दो हजार रूपये की पेंशन भी शुरू हो गई है। वहीँ जब इस परिवार ने डीसी ऊना को अपना को दुखड़ा सुनाया तो उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है