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सत्ती बोलेः Dhumal-Shanta गपोड़ शंख नहीं, तभी नहीं दिया Unemployment allowance

सत्ती बोलेः Dhumal-Shanta गपोड़ शंख नहीं, तभी नहीं दिया Unemployment allowance

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शिमला। घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कांग्रेस ने किया था न की बीजेपी ने। सीएम वीरभद्र सिंह के वार पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल व शांता कुमार ने इसलिए बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया क्योंकि वह कभी गपोड़ शंख नहीं रहे हैं और न ही उन्होंने इस तरह का कोई झूठा वादा किया था। बीजेपी कांग्रेस की तरह गपोड़ शंखों की पार्टी नहीं है जो केवल झूठे वादों के सहारे सत्ता प्राप्त करते हैं और केवल जुबानी शब्दों से विकास करने में विश्वास रखते हैं।


  • घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कांग्रेस ने किया था न की बीजेपी ने
  • बीजेपी ने कभी झूठा वादा नहीं कियाए जनता से माफी मांग सरकार को भंग करें

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सीएम भूल रहे हैं कि अपने चुनावी घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा बीजेपी ने नहीं बल्कि कांग्रेस ने किया था और उसे पूरा करने का कर्तव्य भी सीएम होने के नाते वीरभद्र सिंह का ही है। बीजेपी इस मुद्दे को कांग्रेस को उसका वादा याद दिलाने के लिए बार-बार उठा रही है, क्योंकि लोक लुभावने वादे करके सत्ता प्राप्त करना और उसके पश्चात जनता को धोखा देना सरकार की आदत में शुमार हो गया है। इससे पूर्व भी वर्ष 2003 में कांग्रेस ने सत्ता प्राप्त करने के लिए प्रदेश की जनता से वादा किया था कि वह घर से एक व्यक्ति को रोजगार देगी और 5 वर्ष राज करने के पश्चात मात्र 3386 लोगों को सरकारी क्षेत्र में रोजगार दे पाई थी। इसी तरह वर्ष 2012 में सत्ता सुख भोगने के लिए बेरोजगारी भत्ते का वादा करके बेरोजगारों को धोखे और दुख की गर्त में धकेलने के लिए कांग्रेस को यह वादा बार-बार दिलवाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में वह कभी प्रदेश की जनता के साथ इस तरह का धोखा न कर पाए। अगर आज कांग्रेस अपने वादे को पूरा करने में नाकाम साबित हो रही है तो उसे प्रदेश की जनता से माफी मांगकर सरकार को भंग करके दोबारा जनादेश प्राप्त करना चाहिए।


बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केवल बेरोजगारी भत्ता ही एक मात्र ऐसा वादा नहीं है जिसे पूरा करने में कांग्रेस नाकाम रही है। कांग्रेस अपने चुनावी घोषणापत्र के 90 प्रतिशत वादे पूरा करने में असफल रही है जिसमें कर्मचारियों को वर्ष 2006 से 4-9-14 के वित्तीय लाभ, मजदूरों की दिहाड़ी 200 रुपए करने, नई वन नीति बनाने, टांडा मेडिकल कॉलेज को स्तरोन्नत करके एम्स के स्तर पर लाना, 5 वर्षों में 5000 मैगावाट विद्युत उत्पादन, 5 वर्षों में 7500 किमी नई सड़कें बनाने जैसे प्रमुख वादों को पूरा करने में सरकार पूरी तरह से फेल हुई है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के विपरीत बीजेपी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। वर्ष 2007 में बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र को सत्ता प्राप्त करते ही नीतिगत दस्तावेज घोषित किया था और आगामी 5 वर्षों के लिए किए गए चुनावी वादों को मात्र तीन वर्षों में पूरा करने का साहसिक कार्य किया था। बीजेपी ने कभी भी कांग्रेस की तरह लोक लुभावने वादे करके सत्ता प्राप्त करने का प्रयास नहीं किया है और न ही भविष्य में इस तरह के झूठे वादे व झूठी घोषणाऐं करके सत्ता प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी। बीजेपी केवल उन्हीं वादों को जनता के समक्ष करेगी, जिसे पूरा करने का समर्थ भारतीय जनता पार्टी की सरकार के पास होगा

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