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#BharatBand Live : रेलवे ट्रैक और एनएच #Block, ट्रांसपोर्ट और बैकिंग सेवाएं ठप

25 करोड़ मजदूर और परिवहन-बैंक यूनियन ले रहे देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा

#BharatBand Live : रेलवे ट्रैक और एनएच #Block, ट्रांसपोर्ट और बैकिंग सेवाएं ठप

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नई दिल्ली। मोदी सरकार की विभिन्न नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय यूनियनों ने आज संयुक्त रूप से देशव्यापी हड़ताल ‘भारत बंद’ (#BharatBand) का आह्वान किया है। इस हड़ताल में 25 करोड़ मजदूर और कई परिवहन यूनियन और बैंक यूनियन भाग ले रहे हैं। इस कारण देशभर में यात्रियों और बैंक ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाम दलों के प्रभाव वाले केरल व बंगाल में ‘भारत बंद’ का ज्यादा असर देखने का मिल रहा है। हड़ताल की वजह से उद्योगों, बैंकिंग, परिवहन सहित कई सेवाएं के प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि एक दिन की हड़ताल में ट्रेड यूनियन (Trade unions) बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। वहीं, आज किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च भी है, जिसे लेकर दिल्ली-हरियाणा सीमा पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। भारत बंद का मकसद किसान विरोधी सभी कानूनों और मजदूर विरोधी श्रम संहिता को वापस लेना है और मरनेगा समेत कई योजनाओं का विस्तार है।


 

 

पश्चिम बंगाल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने जादवपुर में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है। सरकार के नए श्रम कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवाओं के रखरखाव अधिनियम को लागू कर दिया है, इसके तहत सभी विभागों और निगमों में हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कहीं पर एनएच ब्लॉक कर दिए गए हैं।

 

 

केरल के कोच्चि में ट्रेड यूनियन केंद्र सरकार के नए श्रम और कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल (Nationwide strike) कर रहे हैं। इस कारण बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ओडिशा निर्वाण श्रमिक महासंघ के सदस्य, अखिल भारतीय केंद्रीय व्यापार संघ और सभी उड़ीसा पेट्रोल और डीजल पंप वर्कर्स यूनियन प्रदर्शन कर रहे हैं। ट्रेड यूनियनों द्वारा श्रम कानूनों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है।

 

हड़ताल में ये ले रहे हैं हिस्सा –

केंद्रीय यूनियनों में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), हिंद मजदूर सभा (HMS), भारतीय व्यापार संघो का केंद्र (CITU), ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC), ट्रेड शामिल हैं। यूनियन को-ऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC), सेल्फ-एम्प्लोयड वुमन एसोसिएशन (SEWA), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC) भी इसमें शामिल है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) हड़ताल में भाग नहीं लेगा।

ये हैं मांगें –

  • सभी गैर-आयकर कर परिवारों को प्रति माह 7,500 रुपए का नकद हस्तांतरण और सभी जरूरतमंद लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलोग्राम मुफ्त राशन
  • मनरेगा का विस्तार, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में एक साल में 200 दिनों का काम प्रदान करने के लिए बढ़ी हुई मजदूरी और शहरी क्षेत्रों में रोजगार गारंटी का विस्तार।
  • किसान विरोधी सभी कानूनों और मजदूर विरोधी श्रम संहिता को वापस लेना। मांगों में सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण को रोकना भी शामिल है।
  • सभी को पेंशन, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को समाप्त करना और पहले की पेंशन प्रणाली की बहाली भी कुछ मांगें हैं।

 

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