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चुनावी हलचल : राजनीतिक दल सक्रिय, Manifesto बनाने में जुटी पार्टियां

चुनावी हलचल : राजनीतिक दल सक्रिय, Manifesto बनाने में जुटी पार्टियां

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शिमला। प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। मतदाताओं के बीच जाने के लिए राजनीतिक दल अब अपने-अपने मेनीफेस्टो बनाने में भी लगे हैं। इस मामले में बीजेपी ने काफी पहले विजन डाक्यूमेंट तैयार करने की कसरत शुरू कर दी थी। बीजेपी का विजन डाक्यूमेंट करीब-करीब तैयार बताया जा रहा है। वहीं, अब कांग्रेस ने भी कमेटी बनाकर इसके गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, माकपा का मैनीफेस्टो भी अंतिम चरण में है और इसके एक-दो दिन में तैयार कर लिए जाने की बात कही जा रही है। राजनीतिक दलों के मेनीफेस्टो पर मतदाताओं की भी पैनी नजर है। मतदाता जानना चाह रहे हैं कि उनके लिए कौन सा दल क्या वादा लेकर आने वाला है। वैसे यहां पर रोजगार, सड़क और स्वास्थ्य पर ही फोक्स रहने वाला है। इसके अलावा किसानी और बागवानी के साथ-साथ स्वरोजगार को भी महत्व दिए जाने की संभावना है, क्योंकि बेरोजगारों की लगातार बढ़ रही संख्या के बीच स्वरोजगार की दिशा में युवाओं को लाने की बात चर्चा में है और यह राजनीतिक दलों के लिए भी चुनौती है। वैसे भी सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं। इसके अलावा राजनीतिक अन्य क्षेत्रों को लेकर भी योजनाएं लेकर आएंगे।

किसान-बागवान फसलों को लेकर चिंतित

उधर, किसान और बागवान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं और वे इसे घाटे का काम बताकर इसे पीछे हटने लगे हैं। केवल बागवानी में ही युवा सक्रिय हैं, लेकिन जिस तरह से देश में विदेशों से सेब आ रहा है, उससे यहां के सेब के दाम भी कम होते जा रहे हैं और इस कारण वो लाभ नहीं मिल पा रहा, जिसकी चाहत है। वहीं मौसम की मार सबसे बड़ी चिंता है। ऐसे में मतदाताओं की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि वे उनके लिए क्या-क्या वादे करते हैं। वैसे, बीजेपी पांच साल के लिए मेनीफेस्टो के स्थान पर विजन डाक्यूमेंट लाने की बात कर रही है। इसमें राज्य को अगले 15-20 वर्षों में कैसे विकास पर लाया जाना है, उसके लिए क्या नीति होनी चाहिए, आदि को लेकर उल्लेख है। लेकिन पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि पांच साल में क्या किया जाएगा, उसे लेकर भी इसमें बात रखी जानी जरूरी है। वहीं, कांग्रेस भी इस दिशा में जुट गई है। पार्टी ने भी लोगों से सुझाव मांगे थे कि वे मेनीफेस्टो में क्या चाहते हैं और कई लोगों ने सुझाव भी दिए हैं और अब ये सुझाव पार्टी नेता ठाकुर कौल सिंह की अध्यक्षता में बनी मेनीफेस्टो कमेटी के पास जाएंगे।


माकपा 18 को फाइनल करेगी मेनीफेस्टो

इस बीच, माकपा ने कहा है कि उनके मेनीफेस्टो को 18 अक्टूबर तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उनका मेनीफेस्टो मुख्य मुद्दों को केंद्र मे रख कर तैयार किया जाएगा। पार्टी के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद के मुताबिक पार्टी का मुख्य मुद्दा, कांग्रेस और बीजेपी दोनों की नीतियों के खिलाफ विधानसभा में मजबूत विपक्ष बनाने का रहेगा। उनका कहना था कि दोनों पार्टियां जो दिखने को तो एक-दूसरे के विरुद्ध चुनाव लड़ती है, लेकिन दोनों का ही खद का फायदा देते हुए आमजन पर बोझ डालने का लक्ष्य रहता है।  यह कोई छुपा हुआ तथ्य नहीं है कि जिस प्रदेश का न्यूनतम वेतन 5100 रुपये प्रतिमह है, उस प्रदेश के विधायक 80 हजार रुपये से ज़्यादा मासिक पेंशन ले रहे है, आखिर क्यों? क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों ने इस मुद्दे पर एकता कायम कर ली है। माकपा इस मुद्दे पर आमजन के हित की नीति बनाते हुए एक अलग विपक्ष बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो जनता को राहत देगा।

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