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12 स्कूल बंद, अब 8 पर लटकी तलवार

12 स्कूल बंद,  अब 8 पर लटकी तलवार

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मंडी। बदहाल शिक्षा के चलते प्रदेश में सरकारी स्कूलों पर ताले लटकने की नौबत आ गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मंडी जिला में 12 सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और 8 स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। गौर रहे कि सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बात अगर शिक्षा की करें तो शिक्षा विभाग दिनोंदिन अपनी बदहाली की तरफ बढ़ता जा रहा है। कहीं अध्यापकों की कमी के कारण स्कूल बंद हो रहे हैं तो कहीं अभिभावकों की सरकारी स्कूलों के प्रति बेरूखी देखने को मिल रही है।

  • education-3मंडी में बदहाल शिक्षा के चलते प्राइमरी स्कूलों से मुंह मोड़ रहे छात्र

एक तरफ जहां सरकार लगातार नए स्कूलों को खोलने और अपग्रेड करने में लगी हुई है वहीं दूसरी तरफ छात्रों की कमी के कारण स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं। बीते दो वर्षों में मंडी जिला में एक दो नहीं बल्कि 12 स्कूलों पर ताला लटक चुका है। इन स्कूलों में अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला नहीं करवाया, जिसके कारण अब मजबूरन शिक्षा विभाग को इन स्कूलों को बंद करना पड़ा है। हैरत की बात यह है कि शिक्षा विभाग भी इन स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है।

education-212 स्कूलों को तो बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं लेकिन 8 स्कूल और ऐसे सामने आ गए हैं, जिनमें कोई दाखिला न होने के कारण अब इन्हें भी बंद करने की नौबत आ गई है। जो स्कूल बंद हुए हैं उनमें मिडिल स्कूल बसाही, प्राइमरी स्कूल बांडरा, रोपड़ी बगसान, बडेण, सूही, भुरान, पतेड़, लांगा, बसाही और चेरा कैरन का नाम शामिल है। इन सभी स्कूलों में बीते दो वर्षों के दौरान किसी बच्चे ने दाखिला नहीं लिया, जिस कारण अब शिक्षा विभाग को इन स्कूलों को बंद करना पड़ा है। इसके अलावा जिला के पांच प्राइमरी और तीन मिडिल स्कूल भी बंद होने की कगार पर हैं। इनमें मिडिल स्कूल भुरान, महरोटी और घरवासड़ा शामिल हैं। जबकि प्राइमरी स्कूल ब्रगैन, बरांड, खंडू और मलारी पर भी जल्द ही ताला लटकने वाला है। इन स्कूलों में भी कोई दाखिला नहीं हो सका है।
educationप्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा के अनुसार 12 स्कूलों को बंद करने के आदेश मिल चुके हैं जबकि बाकी स्कूलों की जीरो एनरोलमेंट की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जा चुकी है। अब इनकी तालाबंदी के आदेशों का इंतजार हो रहा है। शिक्षा विभाग सीएम वीरभद्र सिंह के पास ही है। जब कभी सीएम साहब फिल्ड टुअर पर होते हैं तो उस दौरान नए स्कूलों को खोलने या फिर स्कूलों को अपग्रेड करने की घोषणा करना नहीं भूलते। सोच संस्था के अध्यक्ष राजा सिंह मल्होत्रा की माने तो सरकार सिर्फ स्कूल खोलने में ही जुटी है जबकि पहले से खुले स्कूलों का ही सही ढंग से संचालन नहीं हो रहा है। यही कारण है कि सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है। 

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