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शिमला शहरी सीट : बगावत पर BJP की लगाम, Congress की परेशानी बढ़ी

शिमला शहरी सीट : बगावत पर BJP की लगाम, Congress की परेशानी बढ़ी

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शिमला। चुनावी घमासान के साथ ही राजनीति भी चरम पर पहुंचने लगी है। शिमला विधानसभा सीट को लेकर इस बार मुकाबला रोचक होने वाला है। बीजेपी और कांग्रेस में उठी बगावत ने इसे रोचक बनाया है। हालांकि बीजेपी ने बगावत के सुर कुछ कम दर दिए हैं, लेकिन कांग्रेस में बगावती सुर कम होने के बजाय उलटा बढ़े हैं। इससे मुकाबला रोचक होने जा रहा है। बीजेपी में इस बार बगावत के सुर सुनाई दिए थे और एक पार्षद ने बगावत की थी, लेकिन बगावत की उस चिंगारी को बीजेपी के थिंक टैंक ने फौरी तौर पर बुझा दिया है। इससे बीजेपी प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज खुद को सुखद महसूस कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक सुरेश भारद्वाज ने बगावत करने वालों पर काबू पाया और अब वे उनके साथ चलते हैं, या नहीं यह आने वाले दिनों में साफ होगा, लेकिन उन्हें निर्दलीय चुनाव में उतरने से रोका जरूर है। वहीं, कांग्रेस की बात करें तो यहां पर बगावत के सुर और तेज हुए हैं। यहां पर पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज राज्य पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष रहे हरीश जनार्था ने बगावत की है और नामांकन के दिन शक्ति प्रदर्शन कर अपनी ताकत भी दिखाई।कांग्रेस ने यहां से उनके मुकाबले इस बार पार्टी महासचिव व पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी को उतारा है और उन्होंने भी कल ही नामांकन पत्र भरा, लेकिन वे शक्ति प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिसकी उनसे उम्मीद थी। 

सफल नहीं सीएम के प्रयास

कांग्रेस में हुई बगावत को रोकने को कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत को लगाया है। वैसे सीएम वीरभद्र सिंह ने भी इसके प्रयास किए, लेकिन अभी तक सफल नहीं हुए। वहीं, रावत ने हरीश जनार्था से बात की है और इस दौरान कई मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ है। यहां पर जनार्था और भज्जी के बीच तल्खी है और कार्यकर्ता खुलकर आमने-सामने हैं। कांग्रेस की इस गुटबाजी और बगावत पर बीजेपी और माकपा भी नजरें गड़ाए हैं।


माकपा ने यहां से पूर्व मेयर संजय चौहान को उतारा है और वह भी विरोधी दलों की गतिविधियों पर नजरें रखे हुए हैं। बहरहाल, शिमला सीट पर इस बार मुकाबला चौकोना होने जा रहा है। बीजेपी, कांग्रेस और माकपा के गणित को बिगाड़ने में कांग्रेस के तेज तर्रार निर्दलीय चुनावी समर में उतरे हैं। इस लड़ाई में बाजी कौन मारेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है, लेकिन गुटबाजी के खेल ने मुकाबले को रोचक जरूर कर दिया है।

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