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कोरोना इमरजेंसी के बीच Himachal के 15 हजार अस्थाई शिक्षकों को बड़ी राहत
शिमला। कोरोना इमरजेंसी के बीच हिमाचल (Himachal) में करीब 15 हजार अस्थाई शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए अस्थाई शिक्षकों की नियुक्ति व नियमितकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों को जायज ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। हिमाचल हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में पीटीए, पैरा व पैट शिक्षकों की नियुक्ति को जायज ठहराया था। साथ ही सरकार को नियमितकरण के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश अनुबंध शिक्षक संघ (पीटीए) के अध्यक्ष बोबिल ठाकुर ने दी है।
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बता दें कि हिमाचल के हजारों अस्थाई शिक्षक लंबे समय से नियमितकरण की बाट जोह रहे थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के चलते इनका नियमितीकरण नहीं हो पा रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही टीचरों (Teachers) का भविष्य टिका था। 2014 के बाद से मामला सुप्रीम कोर्ट में था। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हो रही थी। तीस जनवरी को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। तीस जनवरी को सभी पक्षों में करीब चार घंटे बहस चली थी। कोरोना वायरस को लेकर लगाए लॉकडाउन के चलते आज मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाईकोर्ट की डबल बैंच के निर्णय को सही ठहराते हुए अस्थाई शिक्षकों की नियुक्ति और नियमितकरण को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अस्थाई शिक्षकों के नियमितीकरण का रास्ता साफ हो गया है।

