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#Vijay_Diwas: 1971 के युद्ध में India ने पाक को आज के दिन चटाई थी धूल, प्रदेश भर में मनाई 50वीं वर्षगांठ

शिमला में आयोजित किया राज्य स्तरीय समारोह, जयराम ठाकुर ने दी प्रदेशवासियों की बधाई

#Vijay_Diwas: 1971 के युद्ध में India ने पाक को आज के दिन चटाई थी धूल, प्रदेश भर में मनाई 50वीं वर्षगांठ

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हिमाचल अभी अभी। हिमाचल प्रदेश में बुधवार को पाकिस्तान के साथ 16  दिसंबर, 1971 के युद्ध में भारत (India) विजय की 50वीं वर्षगाठ मनाई जा रही है। इस मौके पर राजधानी शिमला (Shimla) में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय समारेाह का सीधा प्रसारण बडी स्क्रीनों के माध्यम से प्रदेश भर में दिखाया गया।
शिमला। हिमाचल प्रदेश आबादी के लिहाज से एक छोटा पहाड़ी राज्य है, लेकिन इस राज्य के युवा देश की खातिर बलिदान देने में हमेशा अग्रणी रहे हैं। यह बात सीएम जय राम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur)  ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर बुधवार को यहां अन्नाडेल में आयोजित विजय दिवस (vijay divas) समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। सीएम ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव का दिन है और यह देश के हित के लिए हमारे महान सपूतों द्वारा दिए गए बलिदानों को याद करने का भी दिन है।

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उन्होंने कहा कि इस दिन भारत 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के साथ 13 दिन की लंबी लड़ाई के बाद जीता था। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बहादुर सैनिकों ने हर युद्ध में अदम्य साहस दिखाया है और राष्ट्र के सरहदों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने से भी नहीं चूके हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमी कहा जाता है, उन्होंने कहा कि यह “वीरभूमि” के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि लाखों सैनिक भारतीय सेना की सेवा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में कुल 527 शहीदों में से 52 हिमाचल प्रदेश के थे और दो श्परमवीर चक्रश् हिमाचली सैनिकों द्वारा जीते गए थे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि राज्य के बहादुर सैनिकों को अब तक 1096 वीरता पुरस्कार मिल चुके हैं।

 

हमीरपुर। पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में भारत की विजय की 50वीं वर्षगांठ हमीरपुर (Hamirpur) के बचत भवन में मनाई गई। इस अवसर शिमला मुख्यालय में हो रहे राज्य स्तरीय समारेाह का सीधा प्रसारण बड़ी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया। इस अवसर पर डीसी हमीरपुर देव श्वेता बनिक, हिमाचल प्रदेश सैनिक बैल्फेयर डिप्टी डायरेक्टर स्काड्रन लीडर मनोज राणा, एडीसी जितेन्द्र सांजटा, एसडीएम चिरंजी लाल भी मौजूद रहे। इसके अलावा हमीरपुर जिला के सुजानपुर तहसील परिसरए भोरंज मिनी सचिवालय में भी विजय दिवस के कार्यक्रम को देखने के लिए पूर्व सैनिक और उनके परिजनों ने दिलचस्पी दिखाई।

ऊना। जिला मुख्यालय के एमसी पार्क क्षेत्र शहीद स्मारक पर बुधवार को विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान जहां प्रशासनिक और सेना के पूर्व अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, वही एनसी पार्क के साथ आयोजित समारोह के दौरान विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ पर शिमला में आयोजित समारोह का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इस दौरान भारत माता के जयकारों के साथ शहर में माहौल काफी देश भक्तिमय रहा। डीसी ऊना (DC Una) राघव शर्मा ने इस मौके पर कहा कि विजय दिवस भारत के इतिहास में मील का पत्थर है। इस मौके पर देश के उन वीर जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए हैं जिन्होंने देश के प्रति अपने कर्तव्य की राह पर चलते हुए प्राण तक न्यौछावर किया। देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों और उनके परिजनों का यह देश है ऋणी रहेगा।

 

कुल्लू। सैनिक देश के गौरव हैं। उनके परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। यह बात डीसी कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा ने विजय दिवस के मौके पर जिला परिषद सभागार में आयोजित समारोह में भूतपूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कही। समारोह का आयोजन सामाजिक दूरी के नियमों को ध्यान में रखते हुए किया गया। वहीं, जिला मुख्यालय कुल्लू में कर्नल पृथ्वी चंद महावीर चक्र सामुदायिक भवन ढालपुर में पूर्व सैनिकों ने विजय दिवस मनाया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश एक्स सर्विस लीग जिला कुल्लू एवं लाहुल स्पीति के चेयरमैन ब्रिगेडियर टीएस ठाकुर ने तिरंगा फहराया और उपस्थित पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। इससे पहले तिरंगा फहराते हुए राष्ट्रगान गया।

धर्मशाला। डीसी राकेश कुमार प्रजापति ने आज विजय दिवस के उपलक्ष्य में भारत-पाक युद्ध की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर धर्मशाला के शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और शहीद सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिसंबर 1971 में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान सेना के खिलाफ एक निर्णायक और ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जिससे एक नये राष्ट्र बांग्लादेश का जन्म और दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण हुआ था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक दिन के अवसर पर आज पूरे जिला में भारत-पाक युद्ध की 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।

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