×

7 अजूबों में से एक हरी नदी

7 अजूबों में से एक हरी नदी

- Advertisement -

बेबीलोन के झूलते बाग ‘सेमीरामीस के झूलते बाग’ नाम से भी जाने जाते हैं। प्राचीन विश्व के सात अजूबों में से यह एक है। यह आज के इराकी नगर’ अल-हिल्लह’ के निकट स्थित हैं। किवदंती के अनुसार यह माना जाता है कि इस उद्यान का निर्माण राजा नबूचड्नेजार ने अपनी पत्नी को प्रसन्न करने के लिए किया था। ईसा से दो शताब्दी पूर्व एक भूकंप में यह उद्यान पूर्ण रूप से नष्ट हो गया था। इसे प्राचीन संसार के सात अजूबों में से एक माना गया था। इन बागों के बारे में कुछ प्राचीन लेखकों ने लिखा अवश्य है, लेकिन इनका कोई पुरातात्विक अवशेष नहीं मिल सका है। कहते हैं कि इसमें राजभवन में विभिन्न स्तरों पर पत्थरों के ऊपर बाग बनवाए गए थे। ठीक इसी तर्ज पर न्यूयॉर्क में हरी नदी का निर्माण हुआ।


न्यूयॉर्क में मेनहेटन के पश्चिमी भाग के इस हिस्से में विभिन्न फैक्टरियां और उद्योगिक संस्थान थे, जिनके लिए 1847 में पहली वेस्ट रेलवे की लाइन बनाई गई थी जो सड़क के स्तर पर थी। रेलगाड़ी से फैक्टरियों तथा औद्योगिक संस्थान अपने उत्पादन सीधा रेल के माध्यम से भेज सकते थे। उस रेलवे लाइन की कठिनाई थी कि वह उन हिस्सों से गुजरती थी जहां बहुत से लोग रहते थे और आए दिन लोग रेल से कुचल कर मारे जाते थे। इतनी दुर्घटनाएं होती थीं कि इस इलाके का नाम “डेथ एवेन्यू” हो गया था। तब इन रेलगाड़ियों के सामने लाल झंडी लिए हुए घुड़सवार गार्ड चलते थे ताकि लोगों को रेल की चेतावानी दे कर सावधान कर सकें, जिन्हें “वेस्टसाइड का ओबायज़” के नाम से बुलाते थे।
1929 में शहर की नगरपालिका ने यह निर्णय लिया कि यह रेलवे लाइन बहुत खतरनाक थी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क से उठ कर ऊपरी स्तर पर नई रेल लाइन बनाई जाए। 1934 में यह नई रेलवे लाइन तैयार हो गई और इसने 1980 तक काम किया। फिर समय के साथ शहर में बदलाव आए और इस रेलवे लाइन के आसपास बनी फैक्टरियां और उद्योगिक संस्थान एक एक करके बंद हो गए। बजाय रेल के अधिकतर सामान ट्रकों से जाने लगा। वहां रहने वाले लोगों ने न्यायालय में अर्जी दी कि रेलवे लाइन के बचे हुए हिस्से को शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संभाल कर रखना चाहिए। इस तरह से 2006 में हाई लाइन गार्डन नाम के इस बाग का निर्माण शुरू हुआ। अब तक करीब 1.6 किलोमीटर तक की रेलवे लाइन को बाग में बदला जा चुका है। इसके कई हिस्सों में पुरानी रेल पटरियां दिखती हैं, जिनके आसपास पेड़ पौधै और घास लगाए गए हैं, साथ में सैर करने की जगह भी है। अगर आसपास के किसी गगनचुम्बी भवन से इसको देखें तो यह पुरानी रेलवे लाइन शहर के बीच तैरती हुई हरे रंग की नदी सी लगती है।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है