सेंट्रल यूनिवर्सिटी की 7016 कनाल जमीन को एफआरए के तहत मिली मंजूरी

नार्थ कैंपस धर्मशाला के शीघ्र शिलान्यास की उम्मीद बढ़ी

सेंट्रल यूनिवर्सिटी की 7016 कनाल जमीन को एफआरए के तहत मिली मंजूरी

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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस धर्मशाला के लिए चिन्हित 280.66.65 हेक्टेयर (7016 कनाल ) भूमि को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस मंजूरी मिलने के उपरांत अब सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस धर्मशाला के शीघ्र शिलान्यास की उम्मीद बढ़ गई है। शनिवार को धर्मशाला में जिला स्तरीय डीएलसी की आयोजित बैठक में वन अधिकार अधिनियम के तहत तीन मामले रखे गए। इनमें सेंट्रल यूनिवर्सिटी के नार्थ कैंपस धर्मशाला के लिए 7016 कनाल भूमि, नूरपुर स्थित आर्य डिग्री कॉलेज के लिए 45 कनाल व बैजनाथ के करोरी- किल्ही सड़क पर निर्मित होने वाले पुल के लिए 1.6 कनाल भूमि के प्रस्ताव रखे गए। इन तीनों स्थानों के लिए किसी भी प्रकार के क्लेम या ऑब्जेक्शन नहीं आने के कारण समिति ने इन्हें मंजूरी प्रदान कर दी है। जिला कांगड़ा की वन मंजूरी के कारण विकास की गति बाधित न हो यह सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को धर्मशाला में वन अधिकार अधिनियम के तहत एफआरए के कारण लंबित तीन मामलों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में जिला प्लानिंग अधिकारी, डीएफओ पालमपुर, नूरपुर,धर्मशाला,देहरा व डीएफओ वन्य प्राणी हमीरपुर के अतिरिक्त जिला परिषद सदस्य गायत्री कपूर , अनीता देवी व गगन सिंह ने भाग लिया।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी का 70 फीसदी निर्माण देहरा में तो 30 फीसदी निर्माण धर्मशाला में होगा

सेंट्रल यूनिवर्सिटी का मुख्यालय धर्मशाला, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में स्थित होगा। सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दो परिसर देहरा और धर्मशाला में होंगे। दोनों स्थान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में स्थित हैं। धौलाधार परिसर धर्मशाला में स्थित होगा। ब्यास परिसर देहरा में स्थित होगा। सेंट्रल यूनिवर्सिटी निर्माण की स्वीकृति 20 जनवरी 2009 को मिली थी तथा इसके प्रस्तावित भवन निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपए की राशि भी आबंटित की गई, लेकिन इसका निर्माण धर्मशाला देहरा के खींचातान में फंस कर रह गया।
वर्ष 2009-10 केंद्र में यूपीए की सरकार थी उस समय केंद्रीय भूमि चयन समिति ने जिला कांगड़ा का विस्तृत दौरा किया था। बैजनाथ से इंदौरा तक और धर्मशाला से लेकर कलोहा तक चयन समिति ने भूमि का निरीक्षण कर रिपोर्ट सबमिट की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया था कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी का 70 फीसदी निर्माण देहरा में ब्यास कैंपस 30 फीसदी निर्माण धर्मशाला में धौलाधार कैंपस के रूप में किया जाएगा। दोनों कैंपस के लिए भूमि चयनित कर प्रदेश सरकार ने पर्यावरण की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को पत्र प्रेषित किया हैं।

प्रदेश में एफआरए के 1561 मामलों को मंजूरी

प्रदेश सरकार की तरफ से एफआरए के 1561 मामलों को आज दिन तक मंजूरी प्रदान की गई है, जिसमें से 454 मामलों को पिछले वर्ष के दौरान मंजूरी दी गई थी। सरकार ने मौजूदा एफआरए नियमों के सरलीकरण का मुद्दा उठाया है, जिससे राज्य की विकास के गति में तेजी लाई जा सके। प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को विभिन्न एफसीए और एफआरए प्रस्तावों को व्यक्तिगत रुचि लेकर शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए हैं।

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