Covid-19 Update

59,014
मामले (हिमाचल)
57,428
मरीज ठीक हुए
984
मौत
11,190,651
मामले (भारत)
116,428,617
मामले (दुनिया)

96 साल के बलबीर सिंह ने खोला पिछले जन्म में हुई हत्या का राज, दुनिया हैरान

96 साल के बलबीर सिंह ने खोला पिछले जन्म में हुई हत्या का राज, दुनिया हैरान

- Advertisement -

लखनऊ। बलबीर सिंह उप्पल की उम्र इस समय 96 साल की है। लेकिन उन्हें अंग्रेजों के जमाने में राय बहादुर सुंदरदास चोपड़ा की हत्या के पल-पल की जानकारी योद है। असल में बलबीर सिंह खुद पिछले जन्म में राय बहादुर सुंदरदास थे। उनकी तब हत्या हुई थी। अब इस उम्र में बलबीर सिंह ने अपनी हत्या का राज खोलकर दुनिया को हैरान कर दिया है।

इस मामले में अब उनकी बेटी ने गहन-विमर्श पर आधारित एक पुस्तक भी लिख दी है। बलबीर सिंह के अनुसार, उनका पिछला जन्म पाकिस्तान में हुआ था। तब वह हिंदू परिवार में जन्मे थी। बलबीर की बताई बातों को परखने के लिए उनकी बेटी अमृता लांबा पाकिस्तान गई। जब वह पाकिस्तान पहुंची तो वहां सारे प्रमाण वैसे ही मिले, जो बलबीर ने बताया था। अब बलबीर की बेटी ने इस पर एक किताब लिखी है, जिसका विमोचन पिछले दिनों लखनऊ लिटरेचर फेस्टिवल में हुआ है।

यह है बलबीर सिंह के पुर्नजन्म की कहानी

बलबीर सिंह उप्पल बताते हैं कि पिछले जन्म में विभाजन से पहले वेस्ट पंजाब के डिंगा टाउन में वे लोग रहते थे। यह हिस्सा विभाजन के बाद पाकिस्तान में चला गया। तब उनका नाम राय बहादुर सुंदरदास चोपड़ा था। अंग्रेजी हुकूमत के दौर में वह सेना में यूनिफॉर्म और राशन सप्लाई करते थे। एक दिन सरदार करतार सिंह का परिवार डिंगा में एक वैवाहिक समारोह में पहुंचा। डिंगा रेलवे स्टेशन के सामने राय बहादुर सुंदरदास का महल था। ट्रेन से उतरते ही बलबीर मां की गोद से कूद महल की ओर भागे और भीतर घुस गए।

हर बात हूबहू सही निकली

महल के पेचीदे रास्तों से होते हुए कमरे में पहुंच गए, पियानो पहचाना और पिछले जन्म की कई बातें बताने लगे। यह सुन सब हैरत में आ गए लेकिन महल के मौजूदा मालिक राव साजिद जहांगीर और डिंगा के बड़े-बुजुर्गों ने उनकी कहीं बातों को सही बताया। करतार सिंह बमुश्किल बलवीर को वापस ला पाए। घबराई मां केसर कौर ने बेटे के बिछडने के डर से डिंगा जाना छोड़ दिया लेकिन बलबीर की बेटी अमृता ने उनके पिछले जन्म के परिवार को ढूंढ निकाला। अमृता ने डिंगा में रहकर ही शोध किया और बलवीर सिंह की जिंदगी पर 425 पेज की पोस्ट फॉरवर्ड किताब भी लिखी।

 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है