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बिना वजह न रुके कोई फाइल

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अम्बाला। स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनिल विज ने आज ओलपिंक खेलों में शामिल होने के लिए रवाना होने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। विदेश रवाना होते समय भी स्वास्थ्य मंत्री प्रदेश वासियों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित रहे और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि विभाग की कोई भी फाइल बिना वजह नही रुकनी चाहिए। उन्होंने यह चर्चा आज अपने आवास स्थान पर स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डॉ कमला सिंह, अतिरिक्त महानिदेशक प्रवीन गर्ग और निदेशक प्रवीण सेठी से की। उन्होंने ओलपिंक में भाग ले रहे कैथल जिला के मनोज के परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कैथल के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आवश्य निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी विदेश में तभी अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, जब वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों से पूरी तरह निश्चिंत होगा। स्वास्थ्य मंत्री के मीडिया एडवाइजर डॉ अनिल दत्ता ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे विभाग द्वारा बनाए जा रहे हैल्थ कार्ड के कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा करें। इस कार्ड के तहत हेपेटाईटस, किडऩी व अन्य आवश्यक टैस्ट करवाने की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने अस्पतालों की कायाकल्प योजना के तहत सभी अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं और स्वच्छता को प्राथमिकता देने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा स्वच्छता और विशेष सुविधाएं प्रदान करने वाले अस्पताल को 50 हजार रुपए का विशेष अनुदान दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि विभाग की किसी भी शाखा में फाईल 15 दिन से ज्यादा नही रूकनी चाहिए और अगर रूकी है तो उसका कारण का अवश्य उल्लेख करें।  उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वे रियो में नही जाना चाहते थे लेकिन प्रदेश के खिलाडिय़ों द्वारा बार-बार अनुरोध करने के लिए उन्हें जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्री की वहां उपस्थित से खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ेगा और इस बात का व्यवहारिक ज्ञान व केरला में हुए राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों के प्रदर्शन से हासिल कर चुके हैं।

भड़ोग गांव का दौरा करें सिविल सर्जन
स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ विनोद गुप्ता को निर्देश दिए कि वे भड़ोग गांव में डायरिया से पीडि़त लोगों के स्वास्थ्य की नवीनतम स्थिति के लिए स्वयं वहां का दौरा करें। उन्होंने कहा कि दौरे के उपरांत पूरी स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी दें। उन्होंने गुडग़ांव जिला में डेंगू के मामले ध्यान में आने के विषय पर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की और अधिकारियों ने बताया कि गुडगांव में प्रवासी लोगों में यह मामले पाए गए हैं।

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1 Comment
  1. Rajesh Sharma says

    good..

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