सेफ नहीं अबॉर्शन पिल्‍स, इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से लें सलाह

सेफ नहीं अबॉर्शन पिल्‍स, इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से लें सलाह

- Advertisement -

मां बनना हर औरत का सपना होता है लेकिन कई बार महिलाएं इसके लिए तैयार नहीं होतीं और ऐसे में वह कुछ गलतियां कर जाती हैं जो आगे चलकर उन्हीं के लिए दिक्कत बन जाती है। कुछ महिलाएं अनचाहे गर्भ या प्रेगनेंसी से निजात पाने के ल‍िए बिना डॉक्‍टरी सलाह के अबॉर्शन पिल्‍स ले लेती हैं जो उनके ल‍िए आगे चलकर सेहत के ल‍िए खतरनाक साबित हो सकती हैं। ये पिल्स महिलाओं की फर्टिल‍िटी पर प्रभाव डालती हैं। मार्केट में मिलने वाली अबॉर्शन पिल्‍स शॉर्ट टर्म और लॉन्‍ग टर्म दोनों ही तरह के प्रभाव सेहत पर डालती हैं। बिना डॉक्‍टरी सलाह के ल‍िए अबॉर्शन पिल्‍स के क्या साइड इफेक्‍ट्स होते हैं इसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें : अबॉर्शन-इमरजेंसी पिल्स का बढ़ा क्रेज

गर्भपात कराने वाली गोलियां आपके शरीर में बन रहे प्रेगनेंसी हॉर्मोन प्रोजेस्‍टेरॉन के उत्‍पादन को बंद कर देती हैं। इसका परिणाम यह है कि भ्रूण गर्भाशय से अलग होकर बाहर आने लगता है। गर्भाशय का संकुचन ब्‍लीडिंग को बढ़ा देता है। यह आपके पीरियड की ब्‍लीडिंग से ज्‍यादा मात्रा में हो सकती है। यह कुछ दिनों, हफ्तों से लेकर एक महीने तक हो सकती है।

अबॉर्शन पिल्‍स से पेट में दर्द और ऐंठन होता है। कुछ उसी तरह जैसे पीरियड्स के दौरान होता है, लेकिन यह उससे कहीं ज्‍यादा होता है। शरीर से भारी मात्रा में रक्‍त और दूसरे द्रव लगातार निकलते रहते हैं इसलिए पेट, पैरों और शरीर के कई हिस्‍सों में ऐंठन की शिकायत हो सकती है।

दस्‍त अबॉर्शन वाली गोलियों को खाने से जी मिचलाने और उल्‍टी की शिकायत होती है। कभी-कभी पेट में होने वाली मरोड़ों से दस्‍त भी लग सकते हैं।

अबॉर्शन की दवाईयां का अधिक इस्‍तेमाल करने से शरीर में बन रहे प्रेगनेंसी हॉर्मोन प्रोजेस्‍टेरॉन प्रभावित होती है। इस वजह से महिलाओं के फर्टिल‍िटी पर भी असर पड़ता है।

ये गोल‍ियां कितनी स्‍ट्रॉन्‍ग होती है ये बताने कि ब‍िल्‍कुल जरूरत नहीं है। इन गोल‍ियों के सेवन से अक्‍सर चक्‍कर आते हैं, अगर इनके सेवन के बाद अगर तबीयत ज्‍यादा खराब हो तो डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। चक्‍कर आने के साथ सिरदर्द की भी शिकायत होती है। सिरदर्द से निबटने के लिए आपको आराम और नींद लेने की आवश्‍यकता है। कभी-कभी बुखार भी आ सकता है। बुखार अगर दो-तीन दिन से लंबा चले तो भी डॉक्‍टर से मिलना जरूरी हो जाता है।

कुछ मामलों में ऐसा होता है कि गोली के असर से भ्रूण पूरी तरह शरीर बाहर नहीं आ पाता। कुछ अवशेष अंदर रह जाता है। ऐसे हालात में सर्जरी करानी पड़ सकती है।

अबॉर्शन करवाने वाली गोल‍ियों से बहुत खून बह सकता है और अगर आप पहले से एनीमिक हैं मतलब आपमें खून की कमी है तो आपको बिना डॉक्‍टरी सला‍ह के तो इन गोल‍ियों के बारे में सोचना भी नहीं चाह‍िए।

गर्भपात कराने वाली ये दवाएं हर मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती हैं और इनका इस्तेमाल पढ़ी-लिखी शहरों में रहने वाली महिलाएं ज्यादा कर रही हैं, जबकि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट के अनुसार डॉक्टर के प्रीस्क्रिबशन के बिना ये दवाईयां बेचना जुर्म है। वहीं, दवा विक्रेता को दवाइयां बेचने से पहले पर्चे की फोटो कॉपी और बिल का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।

हिमाचल अभी अभी की मोबाइल एप अपडेट करने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Google+ Join us on Google+ Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है